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पांच साल से बीबीएमबी भेज रहा नोटिस पर नहीं जाग रहा बिजली निगम

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पानीपत। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की लापरवाही का खामियाजा केवल भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड को ही नहीं बल्कि जिले के लोगों को भी भुगतना पड़ रहा है। पिछले पांच साल से लगातार नोटिस पर नोटिस देने के बाद भी यूएचबीवीएन के अधिकारी जाग नहीं रहे हैं। इससे बार-बार लाइन ट्रिप होने से ब्लैकआउट छा जाता है और निगम समेत बीबीएमबी को भी लाखों रुपये का नुकसान भी होता है। बीबीएमबी के अधिकारी खुद भी मौके पर जाकर 800 से ज्यादा लोगों को नोटिस थमा चुके हैं। इन पर कार्रवाई के लिए बिजली निगम समेत डीटीपी को पत्राचार किया जा चुका है लेकिन इन पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
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हैरानी की बात ये है कि इस हाईवोल्टेज लाइन के नीचे किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य मान्य नहीं है। न ही बिजली निगम यहां पर बिजली कनेक्शन दे सकता है। बावजूद इसके इन लाइनों के नीचे जिले भर में अब हजारों निर्माण बन चुके हैं। इन्हें निगम ने बिजली कनेक्शन तक दिए हैं। यहां तक कि बीबीएमबी कुरूक्षेत्र से पानीपत तक आने वाले 220 केवी की हाईटेंशन लाइन के नीचे निगम ने बिना परमिशन लिए ही जगह जगह पर अवैध रूप से 11 केवी के फीडरों की लाइन बिछा दी हैं। इन लाइनों और हाईटेंशन लाइन के बीच पांच फीट तक गैप तक नहीं है जबकि इनके बीच कम से कम 20 फीट का गैप अनिवार्य है। इससे 220 केवी की लाइन में फॉल्ट आ रहे हैं और लाइन ट्रिपिंग हो रही है।
ये हैं धूलकोट और पानीपत कुरुक्षेत्र लाइन
शहर से पानीपत कुरुक्षेत्र व धूलकोट वाली दो हाइटेंशन 220 केवी की लाइन गुजरती हैं। एक अंबाला से दिल्ली की ओर जीटी रोड के लेफ्ट साइड में 1978 से सिंगल सर्किट हाईटेेंशन है और दूसरी जीटी रोड राइट साइड में 1966 से डबल सर्किट हाईटेेंशन तार है। दोनों के नीचे ही इस समय कई अवैध कॉलोनियां बन चुकी हैं। इनको बिजली कनेक्शन तक बांटे गए हैं । इनकी वजह से ही कई बार हादसे तक हो जाते हैं।
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ये दी जाती है सलाह - शर्मा
सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुुए भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड द्वारा हाईटेंशन के नीचे निर्माण करने वालों और रहने वालों को सख्त हिदायतें दी जाती हैं, जागरूकता अभियान तक चलाए जाते हैं लेकिन इनके नियमों को कोई नहीं मानता जो बाद में हादसों को कारण बनते हैं। बीबीएम जेई बलराज शर्मा ने बताया कि
- लाइन के संपर्क में आने से जान माल का नुकसान हो सकता है इसलिए हमेशा इससे दूरी बनानी चाहिए
- लाइन के कंडक्टर से मकान की दूरी कम से कम पांच मीटर होनी चाहिए
- बच्चों को पतंग उड़ाने से रोकें, इससे बच्चे हाईटेंशन कंडक्टर के संपर्क में आ सकते हैं
- करीब से जाने वाली हाईटेंशन के पास या छत पर कपड़े न सुखाएं
- हाईटेंशन के नीचे आग न जलाएं, लाइन के नीचे कोई पेड भी लगाएं और न ही कोई निर्माण करें
- अगर धूलकोट या पानीपत- कुरुक्षेत्र हाईटेंशन की वजह से किसी को कोई नुकसान होता है तो वह इसका स्वयं जिम्मेदार होगा
डीटीपी और निगम को भेज रहे नोटिस- एसडीओ बीबीएमबी
हाईवोल्टेज लाइन के नीचे किसी भी प्रकार के निर्माण की मनाही है। बावजूद हजारों अवैध निर्माण बन चुुुके हैं। इनको बिजली निगम की ओर से कनेक्शन तक दिया गया है। जिसके चलते लगातार कई सालों से इनको नोटिस भेजे जा रहे हैं लेकिन ये विभाग इन पर कार्रवाई नहीं कर रहे। -अजितेश राजा, एसडीओ, बीबीएमबी, कुरुक्षेत्र।
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