पानीपत। बीबीएमबी कुरुक्षेत्र की ओर से बार-बार भेजे जा रहे नोटिस पर अब बिजली निगम ने कार्रवाई का मन बन लिया है। इसके लिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधिकारी शुक्रवार को हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसमें नोटिस के आधार पर आगामी रणनीति इख्तियार की जाएगी कि हाईवोल्टेज लाइनों के नीचे बने मकानों को बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे या नहीं। वहीं पहले से जिन मकानों को निगम ने बिजली कनेक्शन दिए हैं, उनके कनेक्शन काटे जाएंगे या नहीं।
शहर से गुजरने वाली बीबीएमबी की 220 केवी की दोनों हाईटेंशन लाइनों के नीचे किसी प्रकार का निर्माण वैध नहीं है। शहर में जितने भी मकान इनके नीचे बनाए गए हैं, वे सभी अवैध हैं। वहीं, बिजली निगम ने भी कई जगहों पर अपनी 11 केवी लाइनें 220 केवी की लाइन के नीचे से बिछा रखी है। इसके कारण कई बार बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें बिजली निगम के साथ भाखड़ा व्यास प्रबंधन बोर्ड को भी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ता है।
इस परेशानी के चलते पिछले पांच वर्ष से बीबीएमबी के अधिकारी बिजली निगम के अधिकारियों को कई बार नोटिस दे चुके हैं कि इन लाइनों के नीचे बने मकानों को बिजली कनेक्शन न दिए जाएं और जिनको कनेक्शन दिए गए हैं, उनके काटे जाएं। अब तक निगम की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
इस बारे में बिजली निगम के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर एसएस ढुल का कहना है कि इस पर अचानक फैसला नहीं किया जा सकता। इस मामले को उच्च अधिकारियों के नोटिस में लाया जाएगा। इसके बाद निगम एक्सईएन, एसडीओ और एचवीपीएन के एक्सईएन और एसडीओ के साथ बैठक की जाएगी। इस बैठक में ही निष्कर्ष निकल सकेगा कि हाईटेंशन लाइनों के नीचे के कनेक्शन काटे जाने हैं या नहीं। इसके लिए उच्चाधिकारियों और एचवीपीएन को पत्राचार भी करेंगे।