थर्मल के आसन कलां की विवादित पंचायती जमीन की 80 एकड़ में खड़ी फसल जलमग्न हो गई। लोगों ने दबंगों पर गोहाना ड्रेन नंबर आठ को काटने का आरोप लगाया है।
सिंचाई विभाग की टीम कई घंटे की मशक्कत के बाद कटाव को पाट सकी। पीड़ित किसानों ने पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। गांव आसन कलां के साथ गुजरती गोहाना माइनर में बीती रात को कटाव पड़ गया और माइनर का पानी पंचायती जमीन में घुस गया। इससे 80 एकड़ जमीन में खड़ी फसल जलमग्न हो गई।
दबंगों पर माइनर काटने का आरोप
एससी और बीसी वर्ग के लोगाें ने गांव के दबंगों पर माइनर काटने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वे लोग पंचायत जमीन का कब्जा छोड़ना नहीं चाहते। प्रशासन के आश्वासन पर उन्होंने बोली दी थी। अब उनको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वे इस बारे में डीसी से मिलेंगे।
किसानों को सुबह लगा पता
किशना, सत्यवान, रमेश, बलवान, हवासिंह, गोपाल, रामसिह और जनेश्वर ने बताया कि रात आठ बजे वे खेतों से गए थे। उस समय सब कुछ सामान्य था। वे वीरवार सुबह खेत में गए तो खेतों की फसल जलमग्न थी। उन्होंने इसकी सूचना सिंचाई विभाग अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही राममेहर टीम लेकर मौके पर पहुंचे और कटाव का पाटने का काम शुरू किया।
ये है मामला
आसन कलां गांव में 850 एकड़ पंचायती जमीन पर लंबे समय से गांव के कुछ लोगों का कब्जा था। वे इस जमीन पर खेती करते आ रहे थे। प्रशासन ने गत दिनों 850 में से 770 एकड़ जमीन की बोली करा दी थी। इसके 112 प्लॉट बनाए थे। एससी और बीसी वर्ग के 32 प्लॉट काटे थे।
ब्याज पर लिए थे रुपये
किशना और सत्यवान ने बताया कि उन्होंने ब्याज पर पैसे लेकर ठेके पर जमीन दी थी। उनको फसल आने के बाद कर्ज चुकाने की उम्मीद थी। लेकिन फसल जलमग्न हो गई है। ऐसे में वे खुद भूखे रहेंगे और कर्ज भी नहीं उतार सकेंगे।
वर्जन
आसन कलां गांव में माइनर टूटने और पंचायती जमीन में पानी घुसने की कोई सूचना नहीं है। ऐसा है तो गलत है और वे मामले की जांच करेंगे। ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अशोक छिक्कारा, बीडीपीओ पानीपत