सिविल अस्पताल में आठ डॉक्टरों समेत 15 स्वास्थ्य कर्मचारी कोराना संक्रमित हो गए है, ऐसे में कोरोना मरीजों के इलाज का संकट खड़ा हो गया है। एमएस डॉ. आलोक जैन भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। सिविल अस्पताल का प्रशासनिक कार्य डॉ. शालिनी मेहता को सौंपा गया है। डॉ. दीपक गुप्ता, डॉ. कविता, डॉ. मनी, डॉ. अमित पोरिया, डॉ. अमित कुमार, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. निशि जिंदल और डॉ. ललित कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इनके अलावा चार स्टाफ नर्स समेत 15 स्वास्थ्य कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं।
उधर, एक डॉक्टर की पांच माह की गर्भवती पत्नी की भी कोरोना से मौत हो गई। अब हालत ये हो गए हैं कि स्वास्थ्य विभाग इस चिंता में है कि मरीजों का इलाज कैसे होगा। अब सिविल सर्जन सीएचसी और पीएचसी में
कार्यरत डॉक्टरों की ड्यूटी सिविल अस्पताल में लगा रहे हैं।
इमरजेंसी की ड्यूटी के लिए बचे मात्र 7 डॉक्टर
स्वास्थ्य सेवाएं सबसे अधिक डॉक्टरों की कमी के कारण प्रभावित हो रही हैं। डॉक्टर लगातार कोरोना संक्रमित हो रहे हैं। इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी करने के लिए मात्र 7 डॉक्टर ही बचे हैं। इनकी हर रोज इमरजेंसी में ड्यूटी लगाने से इनके स्वास्थ्य को भी खतरा हो गया है। इनके अलावा बाकी डॉक्टरों की ड्यूटी आइसोलेशन वार्ड, वैक्सीनेशन कार्यक्रम और सैंपलिंग में हैं।
प्रशासनिक काम भी प्रभावित
एमएस डॉ. आलोक जैन व डिप्टी एमएस डॉ. अमित पोरिया कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शालिनी मेहता को दी गई है। इनके ऊपर नेत्र रोगियों की ओपीडी करने का भी जिम्मा है। दूसरे आई सर्जन की ड्यूटी कोरोना वैक्सीनेशन में है।
---
डॉक्टर लगातार संक्रमित हो रहे हैं। इससे बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है। अब फील्ड से डॉक्टर बुला रहे हैं। अपनी ओर से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रयास है।
- डॉ. संजीव ग्रोवर, सिविल सर्जन पानीपत