सीबीएसई की तरफ से अब हर विषय में इंटरनल एसेसमेंट व प्रेक्टिकल होंगे। इससे पहले कुछ विषयों में ही प्रेक्टिकल इंटरनल एसेसमेंट होते थे, लेकिन अब बच्चों के अधिक विकास को नजर में रखते हुए सीबीएसई ने नए नियमों को लागू किया है। जिसमें पहले बिना प्रेक्टिकल के थ्योरी में 33 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य थे, लेकिन अब थ्यौरी वेब प्रेक्टिकल दोनों को मिला करके 33 प्रतिशत अंक लेने होंगे। अब 80 अंक की परीक्षा में 26 अंक इंटरनल एसेसमेंट में व प्रेक्टिकल में 20 अंक में से 6 अंक लाना अनिवार्य है। 70 अंक की परीक्षा में पास होने के लिए 23 अंक और प्रेक्टिकल में 30 में से 9 अंक लेना अनिवार्य होगा।
इससे पहले कुछ परीक्षा में केवल लिखित परीक्षा में 33 अंक लेने वाले विद्यार्थी पास हो पाता था, लेकिन हर विषय में इंटरनल एसेसमेंट होंगे ताकि बच्चों के पास लिखित के साथ-साथ प्रत्येक विषय में प्रेक्टिकल ज्ञान भी होगा।
बच्चों का होगा अधिक विकास : चौधरी
सविता चौधरी ने बताया कि पहले कुछ परीक्षाओं में इंटरनल एसेसमेंट नहीं होते थे। अब हर विषय की परीक्षा में इंटरनेट मैंट और प्रेक्टिकल होंगे। सीबीएसई की तरफ से करेगे बदलाव का स्वागत करते हैं और यह बदलाव केवल सीबीएसई में ही नहीं विद्यार्थियों के जीवन में भी कहीं न करें अच्छा बदलाव आएगा। इस बदलाव से छात्रों को लिखित के साथ साउथ प्रेक्टिकल ज्ञान भी होगा। विद्यार्थियों को केवल लिखित ज्ञान नहीं होना चाहिए क्योंकि लिखित ज्ञान कुछ समय बाद भूल जाते हैं वह प्रेक्टिकल का ज्ञान लंबे समय तक याद रहता है उसे भूल नहीं पाते।
-सबिता चौधरी, सीबीएसई जिला अधिकारी व प्रधानाचार्य एसडी विद्या मंदिर।