पानीपत। साइबर ठगों पर अब पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अब एक लाख रुपये से अधिक की ठगी होने पर जैसे ही 1930 नंबर पर कॉल कर शिकायत की जाएगी तो तुरंत ही ई-जीरो एफआईआर दर्ज कर ली जाएगी। इसके बाद ई-जीरो एफआईआर को संबंधित जिले के साइबर क्राइम थाने को भेजकर प्राथमिकी दर्ज होगी।
हालांकि, ई-जीरो एफआईआर दर्ज होने से पुलिस के सामने भी चुनौती होगी। पानीपत साइबर क्राइम थाने में मात्र 11 जांच अधिकारी तैनात हैं। एफआईआर की संख्या बढ़ने से जांच अधिकारियों पर वर्क लोड बढ़ेगा।
लगातार बढ़ रहे साइबर क्राइम पर अंकुश लगाने के लिए नया प्लान तैयार किया गया है। पुलिस मुख्यालय द्वारा एक लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी होने पर कार्रवाई के लिए नई गाइड लाइन जारी की है। अभी तक ठगी होने पर 1930 नंबर पर कॉल कर शिकायत दर्ज की जाती थी। पुलिस शिकायत दर्ज कर लेती थी, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं हो रही थी।
कुछ जिलों में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पीड़ित को साइबर क्राइम थानों के चक्कर लगाने पढ़ रहे थे। जिसे देखते हुए अब 1930 नंबर पर कॉल कर जैसे ही शिकायत दर्ज होगी तुरंत ही कंट्रोल रूम द्वारा ई-जीरो एफआईआर दर्ज कर ली जाएगी। जीरो एफआईआर को लोकेशन के आधार पर संबंधित जिले के साइबर क्राइम थाने को भेज दी जाएगी। इसके बाद थाना स्तर पर पीड़ित को बुलाकर उसके बयान दर्ज कर प्राथमिकी दर्ज होगी। ब्यूरो