वैक्सीन की कमी के कारण प्रदेश में पानीपत वैक्सीनेशन कार्यक्रम में पिछड़ा
रोज औसतन 550 युवाओं को लग रही वैक्सीन, स्वास्थ्य विभाग को मिली 5800 डोज
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। प्रशासन वैक्सीन का स्टॉक कम होने के कारण 18-44 आयु के लोगों को तेजी से वैक्सीन नहीं लगा पा रहा है। नतीजा प्रदेश में पानीपत वैक्सीनेशन कार्यक्रम पिछड़ता जा रहा है। विभाग को वैक्सीन की कमी के कारण केंद्र से मिली 45 प्लस वालों की डोज का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। पिछले एक सप्ताह से 1150 की औसत से वैक्सीन लगाई जा रही है। बुधवार को जिले में कुल 822 लोगों को वैक्सीन लगी है। 18-44 आयु वर्ग वाले महज 518 लोगों को वैक्सीन लगी है, जबकि 45 से अधिक आयु वाले 226 लोगों ने पहली व 78 ने दूसरी डोज लगवाई है। पिछले 10 दिन के दौरान प्रतिदिन 550 की औसत से युवाओं ने वैक्सीन लगवाई है। विभाग को मंगलवार की रात 5800 वैक्सीन का स्टॉक मिला है।
जिले में कोरोना वैक्सीनेशन अभियान के शुरू हुए 105 दिन हो चुके हैं। विभाग ने 18 से अधिक आयु वाले साढ़े आठ लाख लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जबकि अब तक टारगेट का महज 14 प्रतिशत ही वैक्सीनेशन हुआ है। पानीपत वैक्सीनेशन के मामले में प्रदेश में 11वें स्थान पर है।
निजी अस्पतालों का वैक्सीनेशन में नहीं मिला साथ
स्वास्थ्य विभाग ने शुरुआत में ही निजी अस्पतालों के साथ बैठक कर वैक्सीनेशन करने के आदेश दिए थे, लेकिन निजी अस्पतालों ने न तो इसमें रुचि दिखाई और न ही लोग यहां वैक्सीनेशन के लिए पहुंचे। निजी अस्पतालों में महज साढ़े 5 हजार लोगों ने ही वैक्सीन लगवाई है।
विभाग को अब तक मिल चुकी हैं 2 लाख 40 हजार डोज
स्वास्थ्य विभाग को अब तक मुख्यालय की ओर से 2 लाख 40 हजार डोज मिल चुकी हैं। इसमें से एक हजार से अधिक डोज व्यर्थ हो गईं। अब भी विभाग के पास लगभग 10 हजार डोज बची हैं।
वर्जन
हमें 5800 वैक्सीन का स्टॉक मिला है। अब वैक्सीनेशन कार्यक्रम में तेजी लेकर आएंगे। लोगों से अपील है कि वो अधिक से अधिक संख्या में वैक्सीन लगवाएं।
-डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन