सनौली। यमुना में घटता जलस्तर नुकसानदायक साबित हो रहा है। नवादा-आर गांव के पर कटाव और बढ़ने से दो एकड़ में लगे पॉपुलर बह गए हैं। यहां पानी जमा होने के चलते कटाव नहीं भर पा रहे हैं। वहीं खाेजकीपुर गांव में कटाव काबू नहीं आ रहा है।
सिंचाई विभाग के अधिकारी करीब 100 मजदूर और जेसीबी मशीन के साथ तीन दिन से कटाव बंद करने में लगे हुए हैं। वहीं यमुना में तलहटी में खड़ी तीन हजार एकड़ फसल में आज भी पानी जमा है। यमुना में खतरे का निशान 231.50 और चेतावनी बिंदू 231.00 मीटर पर है।
यमुना में वीरवार और शुक्रवार को जलस्तर कुछ कम हुआ। शुक्रवार को यमुना में 228.60 मीटर पर पानी बह रहा है। यमुना नदी के घटते जलस्तर के चलते यमुना किनारे भूमि कटाव भी तेज गति से होने पर सिंचाई विभाग की टीम एक गांव खोजकीपुर में कटाव रोकने में जुटा हुआ है। वहीं गांव नवादा-आर में भूमि कटाव वाली जगह के आसपास पानी भरा खड़ा होने पर कटाव रोकने का कार्य शुरू नहीं होने पर क्षेत्र के किसान परेशान हैं।
जैसे-जैसे यमुना का जलस्तर घटता जा रहा हैं। उसी गति से ही भूमि कटाव भी बढ़ रहा हैं। यमुना नदी में पानी द्वारा पिछले एक सप्ताह से गांव नवादा-आर व खोजकीपुर में तटबंध के अंदर किसानों की जमीन का कटाव के साथ भूमि पर खडे़ पोपुलर के पेड़ व फसल भी कटाव में बह रही हैं।
इससे 25 एकड़ के लगभग जमीन से कटाव में किसानों के पॉपुलर के पेड़ व फसल पानी में बह चुकी है। यमुना नदी में बहत रहे जलस्तर 228.60 पर जलस्तर घटने पर भूमि का कटाव तेज गति से होने पर किसान परेशान हैं।