पानीपत। शहर से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली कंपनी जेबीएम अब नगर निगम के राडार पर है। फरवरी 2018 से लेकर अब तक जेबीएम निंबरी के डंपिंग स्टेशन पर करीब छह लाख टन कूड़ा डाल चुकी है। जबकि इसी कंपनी को इस कूड़े का खुद ही निस्तारण करना था। अब इस कूड़े को उठाने और इसकी निस्तारण की जिम्मेदारी कंपनी को याद दिलाने के लिए निगम ने नोटिस जारी किया है। अगर इसके बाद भी जेबीएम यहां से कूड़ा उठाकर इसका निस्तारण नहीं करती है तो निगम कंपनी पर जुर्माना लगाएगा। निगम अनुुसार अगर एनजीटी की मॉनीटरिंग कमेटी के अध्यक्ष भी इस पर जुर्माना लगा सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी जेबीएम की होगी।
अधिकारियों का कहना है कि जब तक कंपनी का वेस्ट टू एनर्जी प्लांट शुरू नहीं हुआ था, तब तक कंपनी यहां कूड़ा डाल रही थी। अब 2021 में कंपनी ने सोनीपत में वेस्ट टू एनर्जी का प्लांट लगाकर इसे शुरू कर दिया है। अब जेबीएम को निंबरी डंपिंग स्टेशन से अपना छह लाख टन कूड़ा उठाकर अपने वेस्ट टू एनर्जी प्लांट में ही निस्तारण करना होगा। इस कूड़े का प्रयोग कंपनी बायो रेमिडेशन के लिए भी कर सकती है।
यह है मामला
जेबीएम के डोर टू डोर कलेक्शन के टेंडर से पहले जो कूड़ा निगम शहर से उठाकर गांव निंबरी में डंपिंग स्टेशन में डालता रहा है, उस पुराने कूड़े को लीजेसी वेस्ट का नाम दिया गया है। निगम अधिकारियों ने गूगल और फिजिकल सर्वे कर इसकी क्षमता करीब पांच लाख टन तक आंकी थी। इसके निस्तारण के लिए शहरी स्थानीय निकाय की ओर से करीब 28 करोड़ रुपये का टेंडर भी जारी किया गया।
2018 में जेबीएम के टेंडर के बाद कंपनी ने इसी लीजेसी वेस्ट के ऊपर अपना नया कूड़ा डालना शुरू कर दिया, जो पिछले चार साल से यहीं डाला जा रहा है। निगम रिकार्ड के मुताबिक जेबीएम यहां पर करीब छह लाख टन कूड़ा डाल चुकी है।
निकाय के अनुबंध के अनुसार जेबीएम को शहर से उठाए जाने वाले कूड़े का खुद ही निस्तारण करना था लेकिन कंपनी ने अपने वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का हवाला दिया। अब अगस्त 2021 से सोनीपत में कंपनी को ये प्लांट भी शुरू हो चुका है। कंपनी ने निंबरी से वापस कूड़ा उठाना तो दूर यहीं पर कूड़ा डालना जारी रखा। अब निगम ने नोटिस देते हुए कंपनी को लिखा है कि जो कूड़ा जेबीएम ने डाला है, उसे उठाकर सोनीपत प्लांट में लेकर इसका निस्तारण करें वरना जुर्माना लगाया जाएगा।
जो काम एजेंसी का वही करेगी
जो कूड़ा जेबीएम ने निंबरी डंपिंग स्टेशन पर डाला है और जेबीएम की जिम्मेदारी इसके निस्तारण की बनती है तो यह काम इसी एजेंसी से करवाया जाएगा। दूसरी ओर जो कूड़ा निगम ने डंपिंग स्टेशन पर पहले डाला है, इसके लिए निगम ने टेंडर लगा रखा है। अधिकारियों से दोनों मामलों की रिपोर्ट ली जाएगी और जो भी नियमानुसार कार्रवाई होगी, की जाएगी।
- दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर।