पानीपत। मौसम बदलाव के साथ जिला नागरिक अस्पताल में मौसमी बीमारी उल्टी, दस्त, वायरल बुखार के मरीज बढ़ने लगे हैं। रविवार को अस्पताल की छुट्टी होने से सोमवार को ओपीडी दो हजार से ज्यादा रही। पंजीकरण करवाने के लिए मरीजों को कई घंटे लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ा। वहीं चर्म रोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में इलाज करवाना पड़ रहा है।
जिला नागरिक अस्पताल में रविवार को छुट्टी होने से सोमवार को ओपीडी लगभग दो हजार से ज्यादा रही। मौसम बदलाव के कारण डायरिया व वायरल बुखार के मरीजों की ओपीडी बढ़ने लगी है। डायरिया के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 23 जून से जागरूकता अभियान भी चलाया हुआ है लेकिन इसके बाद भी लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नहीं हो रहे हैं। ज्यादातर बच्चे इसकी चपेट में आ रहे हैं। नौल्था निवासी कविता ने बताया कि उसके बेटे को रविवार शाम से दस्त लगे हुए हैं। वह सुबह होते ही आठ बजे से पहले ही अस्पताल में इलाज व दवा लेने के लिए पहुंच गई थी लेकिन ओपीडी के बाहर ज्यादा भीड़ होने के कारण उसे लगभग एक घंटा पंजीकरण करवाने के लिए इंतजार करना पड़ा। उसके बाद इलाज के लिए आधे घंटे से ज्यादा देर तक खड़े रहना पड़ा। लगभग दो-ढाई घंटा उसे बेटे के लिए दवा लेने में लग गया। सोमवार को अन्य दिनों की अपेक्षा भीड़ ज्यादा रहने लगी है। किशनपुरा निवासी ममता कुमारी ने बताया कि वह चर्म रोग के लिए इलाज के लिए अस्पताल में आई है लेकिन विशेषज्ञ न मिलने के कारण अब उसे निजी अस्पताल से ही दवा लेनी पड़ेगी और महंगी होती है।
सीएमओ डॉ. विजय मलिक ने बताया कि अस्पताल में सभी को इलाज व दवा दी जा रही है। चर्म रोग विशेषज्ञ के लिए मांग भेजी गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीम बनाकर डायरिया जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। अस्पताल में डायरिया के मरीजों के लिए अलग से ओआरटी कार्नर बनाया गया है।