पानीपत। श्री खाटू धाम ट्रस्ट की ओर से रविवार को निकाली गई 10वीं श्याम ध्वजा पदयात्रा में श्रद्धालु भक्ति में सराबोर नजर आए। श्रद्धालु बाबा के जयकारे लगाते हुए चुलकाना धाम पहुंचे। इस दौरान उन्होंने रास्ते में खूब रंग और गुलाल भी उड़ाया। हारे के सहारे की जय... समेत श्याम बाबा के जयकारों के गूंज पानीपत से चुलकाना धाम तक रही। यात्रा में करीब 11 हजार श्याम प्रेमी शामिल हुए। यात्रा में विशेष आकर्षण का केंद्र श्याम बाबा का रथ रहा। रथ को पानीपत से चुलकाना धाम तक श्याम प्रेमी हाथों से खींचकर लेकर गए।
पदयात्रा तड़के सवा चार बजे एग्रो मॉल के सामने गोहाना रोड फ्लाईओवर के नीचे से शुरू की। इस दौरान श्याम प्रेमियों पर खाटू धाम से लाए गए जल की इत्र के साथ वर्षा की गई और बाबा के धाम की मिट्टी को चंदन में मिला तिलक लगाए गए। सभी श्याम प्रेमियों को ध्वज के साथ बाबा की मोर छड़ी दी गई। मुख्यातिथि मेयर कोमल सैनी, पूर्व सांसद संजय भाटिया के पुत्र चांद भाटिया, शहरी विधायक प्रमोद विज के पुत्र राहुल विज रहे। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
अतिथियों ने नारियल फोड़कर यात्रा का शुभारंभ तड़के सवा चार बजे किया। श्याम बाबा के जयघोष के साथ यात्रा शुरू की। श्यामप्रेमी नाचते गाते चुलकाना नगरी की तरफ चल पड़े। संस्था के संरक्षक प्रमोद मित्तल और अध्यक्ष इशु गोयल ने बताया कि संस्था की यह 10वीं श्रीश्याम ध्वजा पदयात्रा रही। हन्नी कालड़ा ने बताया कि यात्रा एग्रो मॉल के सामने गोहाना रोड फ्लाईओवर के नीचे से शुरू हुई। बाबा के रथ को श्यामप्रेमी हाथों से खींचकर चुलकाना धाम तक लेकर गए। करीब 22 किलोमीटर की यात्रा में 20 पड़ाव पर भंडारे लगाए गए और धाम पर छप्पन भोग का प्रसाद दिया गया। चुलकाना धाम पर सभी श्याम प्रेमियों को छप्पन भोग का प्रसाद दिया गया।
श्यामप्रेमियों का उत्साह रहा
शास्त्री कॉलोनी की रजनी, नांगल खेड़ी की किरण मलिक ने बताया कि फाल्गुन मास में बाबा के दर्शनों का विशेष महत्व होता है। वे हर साल फाल्गुन मास में बाबा के दर्शन के लिए जाते हैं। वे रविवार तड़के श्याम पदयात्रा के लिए चल पड़े थे। श्याम बाबा की कृपा से पूरे रास्ते थोड़ी भी थकावट महसूस नहीं हुई। वे नाचते गाते हुए बाबा के दरबार पर पहुंचे। बाबा के दर्शन पाकर धन्य हो गए।
समालखा की टूटी सड़क से होकर गुजरे श्रद्धालु
श्याम प्रेमी किशनपुरा निवासी संतोष ने बताया कि वे हर साल पदयात्रा में शामिल होती हैं। इस साल भी वे यात्रा में शामिल हुईं। पानीपत शहर की सड़क साफ थी इसलिए पैदल यात्रा में कोई परेशानी नहीं हुई लेकिन समालखा से चुलकाना धाम पहुंचने तक मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि समालखा से चुलकाना धाम तक सड़क टूटी हुई है इसलिए वहां पैदल चलना थोड़ा मुश्किल रहा लेकिन बाबा का नाम लेकर वे धाम पर पहुंची और बाबा के दर्शन कर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त कर किया।