पानीपत/मतलौडा। पाथरी गांव स्थित पाथरी माता के मंदिर में चैत्र मास के पहले बुधवार को ही श्रद्धालु माता के दर्शनों को उमड़ पड़े। जिला व प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों से लोग पूजा के लिए पहुंचे। माता के पांचों मंदिर में पहले दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर के आसपास मेले का रूप रहा।
मान्यता है कि प्राचीन समय से ही पाथरी वाली माता का पूजन बुधवार को किया जाता है। इस दिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। जबकि चैत्र और आषाढ़ मास में पूरे मास ही माता को पूजा जाता है।
मंदिर में श्रद्धालु मंगलवार रात को ही पहुंच गए थे। आधी रात के बाद मंदिर में पूजन शुरू हो गया। बुधवार को पूरा दिन व रात को पूजन किया। मंदिर के मुख्य सेवक बिजेंद्र सिंह ने बताया कि चैत्र मास शुरू होते ही श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। बुधवार को सुबह ही भक्त माता के दर्शन के लिए आते रहे। मंदिर में देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पूजा करने के लिए आते रहे। श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना करवाने के लिए मंदिर समिति द्वारा पूरी व्यवस्था की गई है। माता के दर्शन के लिए मंदिर में चार लाइन बनवाई गई हैं जिनमें श्रद्धालु खड़े होकर माता के दर्शन करते हैं और पूजा पूरी करते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की व्यवस्था भी की गई है। वाहनों की पार्किंग के लिए पंचायती जमीन की व्यवस्था की गई है। जहां श्रद्धालु अपने वाहनों की पार्किंग करते हैं। मंदिर में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई समस्या न हो इसके लिए मंदिर समिति द्वारा सभी व्यवस्थाएं की जा चुकी हैं।
अन्य दिनों की अपेक्षा बुधवार को मंदिर में अधिक संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए आते हैं। माता पाथरी को कुलदेवी के रूप में भी पूजा जाता है। श्रद्धालु भोग में आट्टा, गुड़, गुलगुले आदि लाते हैं और माता को भोग लगाते हैं। सेवक बिजेंद्र ने बताया कि चैत्र मास में हर बुधवार को मंदिर में भव्य मेले का आयोजन किया जाएगा।