पानीपत। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मांडी के गांव पलड़ी, ग्वालड़ा, चमराड़ा, बलाना, मांडी में रेपिड फीवर अभियान चलाया गया। इसके अंतर्गत 310 घरों में लार्वा की जांच की गई और पांच घरों में लार्वा मिलने पर नष्ट किया गया। बुखार के संदिग्ध 20 मरीजों की रक्त पट्टिकाएं बनाई गई।
स्वास्थ्य कर्मी अशोक कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा घर घर जाकर रेपिड फीवर अभियान चलाया गया। टीम 310 घरों में पानी की टंकी, फ्रीज, हौदी, छत्तों पर, कूलरों में डेंगू के लार्वा की जांच की और पांच घरों में लार्वा मिलने पर उसे नष्ट किया गया और घर के मालिकों को नोटिस दिए गए।
बुखार के संदिग्ध 20 मरीजों की रक्त पट्टिकाएं बनाई गई। स्वास्थ्य विभाग जुलाई माह को जिले में डेंगू- मलेरिया रोधी माह के रूप में मना रहा है। इसमें स्वास्थ्य टीम नुक्कड़ सभाएं, पंपलेट बांटकर डेंगू -मलेरिया बुखार के प्रति जागरूक कर रही है और स्कूलों, भट्टा, हाई रिस्क, फैक्टरी, हेचरी में भी जाकर लोगो को डेंगू से बचाव, उपचार, लक्षणों के बारे में बता रही है। क्योंकि मानसून में ज्यादा बारिश होने से रुके हुए पानी मच्छरों की भरमार हो जाती है। इसलिए लोगों को खड़े पानी के गड्ढों को मिट्टी डालकर बंद करना चाहिए। संवाद