संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। एमपीएचडब्ल्यू कैडर के कर्मचारियों ने लंबित मांगों के लिए मंगलवार को सीएमओ डॉ. विजय मलिक को मांग पत्र दिया। प्रतिनिधिमंडल जिला प्रधान सतबीर सिंह की अध्यक्षता में सिविल सर्जन कार्यालय में दिया। सीएमओ ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि जल्द ही यूनियन का मांगों का समाधान किया जाएगा।
जिला प्रधान सतबीर सिंह ने बताया कि मुख्य मांगों में ऑनलाइन काम करने के लिए संसाधन उपलब्ध कराने और 2020-2023 ब्लॉक साल की एलटीसी का बजट जारी करने, कोरोना काल के लंबित पांच हजार रुपये का विशेष मानदेय दिलाने हेतु व दो साल से लंबित एमसीएच भत्ते, लंबित मेडिकल व शिक्षा भत्तों के बिलो का भुगतान करने संबंधी मांगे मांग पत्र में शामिल रही। विभागीय दिशानिर्देश अनुसार कोई भी गर्भवती महिला यदि 10 सप्ताह के बाद पंजीकरण के लिए आती है तो उसके लिए सिविल सर्जन की अनुमति आवश्यक की गई है जिसके लिए महिला कर्मचारियों को जिला स्तर पर आने से मानसिक रूप से परेशान होना पड़ता है।
अनुमति की शक्तियां सीएचसी के एसएमओ को प्रदान की जाए ताकि वही मामले की जांच कर गर्भवती का पंजीकरण किया जा सके। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौल्था, अहर, खोतपुरा बापौली के एमपीएचडब्ल्यू पुरुष कर्मचारी जिन्होंने एचबीवाईसी ट्रेनिंग ली है, उन सभी को जुलाई 2024 में हुई ट्रेनिंग का लंबित मानदेय जारी किया जाए। कोरोना काल में घोषित पांच हजार रुपये का विशेष मानदेय जारी किया जाए।
पानीपत में 17 सितंबर से दो अक्तूबर तक चलने वाले नारी शक्ति अभियान में सभी एमपीएचडब्ल्यू पुरुष कर्मचारियों को नियमित टीकाकरण दिवस के दिन एचबी, शुगर टेस्ट समेत अन्य कार्य करने में राहत दी जाए। जिला नागरिक अस्पताल में मंगलवार, वीरवार व शनिवार को होने वाले नसबंदी व नलबंदी शिविर में ज्यादा से ज्यादा केस किए जाए।