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Panipat News: सीने में दर्द के बाद कुख्यात गैंगस्टर ऋषि चुलकाना की मौत

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समालखा। गैंगस्टर ऋषि चुलकाना की सीने में दर्द होने के बाद पीजीआई रोहतक में मौत हो गई। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक बदमाश ऋषि चुलकाना ने गांव के ही दिनेश गैंग से आपराधिक जीवन की शुरुआत की थी। इसके बाद कुछ ही दिन में गैंग का शार्प शूटर बन गया था। उसने 2005 में गांव के ही फूड एंड सप्लाई में इंस्पेक्टर रमेश की हत्या कर दी थी। जिसमें आरोपी को साढ़े पांच साल की सजा सुनाई गई थी। ऋषि चुलकाना ने इस मामले में हाईकोर्ट से पैरोल ली और बाहर आते ही सोनीपत में एक व्यक्ति की हत्या का प्रयास किया था। रिकॉर्ड के मुताबिक ऋषि चुलकाना दसवीं तक पढ़ा है।
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बताया जा रहा है कि गैंगस्टर ऋषि चुलकाना पानीपत जिला जेल में था। शुक्रवार को उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे जिला नागरिक अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां करीब 20 मिनट तक उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। सीने में दर्द की शिकायत के चलते गैंगस्टर को रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया। साथ में मौजूद सुरक्षा बल ने बिना देर किए उच्चाधिकारियों से बात की और गैंगस्टर को रोहतक पीजीआई ले जाने की बात बताई। इसके बाद यहां से उसे कड़ी पुलिस सुरक्षा में पुलिस वैन में रोहतक ले जाया गया, जहां ऋषि चुलकाना की मौत हो गई। रोहतक पीजीआईएमएस थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रोशन लाल ने बताया कि गैंगस्टर ऋषि चुलकाना को अचानक सीने में दर्द हुआ था। इसके बाद गैंगस्टर को पहले जेल में प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन वहां उसे आराम नहीं होने पर पहले नागरिक अस्पताल और फिर पीजीआई ले जाया गया।

ऋषि चुलकाना पर ये मुकदमें हैं दर्ज

- 2004, 05, 06, 07, 08 में हत्या के प्रयास के छह केस।

- 2005 में ही डकैती का केस दर्ज।

- 2005 में फिरौती का केस दर्ज हुआ।

- 2005 और 2007 में हत्या के दो केस दर्ज जिसमें एक मामले में उसने गांव के ही रमेश की हत्या की थी।

- चोरी, लूटपाट, फिरौती, आर्म्स एक्ट और लड़ाई-झगड़े सहित कुल 22 केस दर्ज हैं।



दो महीने पहले गांव में की थी आतिशबाजी


बदमाश ऋषि चुलकाना की पैरोल मिलने पर 12 अप्रैल को चुलकाना गांव स्थित श्री श्याम बाबा मंदिर के पास जमकर आतिशबाजी की गई थी। इस दौरान ग्रामीणों ने पत्थरबाजी कर उनकी गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए। समालखा थाना प्रभारी फूल कुमार ने घटना का जायजा लिया था। पुलिस के मुताबिक मामला पुरानी रंजिश का बताया जा रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर क्षतिग्रस्त गाड़ियों को कब्जे ले लिया था। ऋषि चुलकाना पर वर्ष 2018 में मंदिर परिसर में सोमपाल की गोली मारकर हत्या करने का आरोप था। सोमपाल के भाई प्रवीन ने पुलिस में शिकायत दर्ज की थी। इससे पहले ऋषि चुलकाना ने ही 2005 में उसके चाचा रमेश की भी हत्या की थी।
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