सांसद, ग्रामीण और शहरी विधायक, मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर और सभी 26 निगम पार्षद सत्तारूढ़ पार्टी से हैं। इसके बाद भी वार्ड में काम न होने से परेशान पार्षद को सीएम से पत्राचार कर अपनी अरदास लगाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। वार्ड नंबर 18 के पार्षद बलराम मकौल ने वार्ड के अधूरे पड़े विकास कार्यों और निगम अधिकारियों की नाफरमानी की शिकायत सीएम विंडो पर दी है। पार्षद का कहना है कि हाउस में मुद्दे पास करवाने और बजट आने के बाद भी निगम अधिकारी काम नहीं करना चाहते हैं। पार्षद चुने जाने के बाद ढाई साल का समय बीत चुुुका है, लेकिन कई बड़े काम अभी तक अधिकारियों की फाइलों में अटके पड़े हैं। काम न होने से परेशान उनके वार्ड की जनता उनसे जवाब मांग रही है। ऐसे में उनके पास इस्तीफा देने या उनको शिकायत लिखने का ही विकल्प बचता है। वहीं, पार्टी की बदनामी न हो, इसके लिए वे पहले शिकायत लिखना ही उचित समझते हैं।
उन्होंने कहा कि वार्ड के लिए बार-बार डिमांड करने के बावजूद भी विकास कार्य लंबित पड़े हुए हैं, जिससे जनता में भारी रोष है। वार्ड की जनता सड़कों पर उतरने को तैयार है। लगभग सभी मुद्दे हाउस की मीटिंग में बार-बार सर्वसम्मति से पास किए जा चुके हैं, लेकिन आज तक उन पर कोई कार्रवाई नही हो सकी है।
सीएम विंडो पर भेजी गई वार्ड 18 की समस्याएं
वार्ड में पानी की भयंकर किल्लत चल रही है। टेंडर होने के बावजूद अधिकारियों द्वारा वर्क आर्डर जारी नहीं किया जा रहा है। कई महीने चक्कर कटवाने के बाद अब वर्क आर्डर जारी किया है।
नगर निगम की जमीन पर जगह-जगह पर कब्जे हो रखे हैं, लेकिन शिकायत के बाद भी अधिकारी सुनवाई नहीं करते।
सीवर और पानी की लाइनें ज्यादा पुरानी होने के कारण जगह-जगह से डैमेज हो चुकी हैं। वैध एरिया होने के बावजूद कई कालोनियों में आज तक पानी की लाइन व सीवर तक नही हैं।
वार्ड में सुपरवाइजर की अनदेखी के चलते सफाई व्यवस्था बुरी तरह से चरमराई हुई है। उक्त दरोगा को वार्ड से हटाया नही जा रहा है।
वार्ड में लाइट लगाने का कार्य अभी तक शुरू नही किया गया है। जबकि लाइटों पर निगम करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है।
वार्ड 18 मुखीजा कॉलोनी वासियों द्वारा लंबे समय से पार्क की डिमांड की जा रही जिस पर कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। पार्क के लिए जगह भी उपलब्ध है।
कई बार डी-प्लान का पैसा आने के बावजूद भी वार्ड 18 की सभी धर्मशालाएं अधूरी पड़ी हैं।
वार्ड 18 मुखीजा कॉलोनी का एक टेंडर, बिना किसी कारण के रिजेक्ट कर दिया गया है। जोकि वहां की जनता और सारी कच्ची गलियां 10-15 सालों से विकास की बाट जोह रहीं हैं।
जेई मनोज कुमार वार्ड में काम करना चाहते हैं, लेकिन उनको किसी भी वार्ड में काम करने की अनुमति नहीं दी गई है। मनोज कुमार को वार्ड 18 का दायित्व दिलवाया जाए, ताकि वार्ड वासियों को कुछ राहत मिल सके।