पलड़ी रोड पर वीरवार दोपहर आग लगने के कारण 22 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल और आठ एकड़ में चारे के लिए छोड़े गए फाने जल कर राख हो गए। इसमें से 17 एकड़ गेहूं की फसल किसान राजबीर निवासी मांडी की है। इसके अलावा अन्य किसानों की मिलाकर पांच एकड़ गेहूं की खड़ी फसल जली है। गेहूं के खेतों में लगी आग पर ग्रामीणों ने ट्रैक्टरों से पानी के टैंकरों की मदद से काबू पाया। आग पर काबू पाए जाने के बाद फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी भी पहुुंची। तब तक किसान अपने स्तर पर आग पर काबू पा चुके थे। आग लगने की सूचना पर बीडीपीओ जितेंद्र शर्मा, थाना प्रभारी नरेंद्र मलिक और खंड कृषि अधिकारी राकेश श्योराण मौके पहुंचे और हालात का जायजा लिया। माना जा रहा है कि किसी ने बीड़ी पीकर बिना बुझाए ही फेंक दी। हवा तेज चलने के कारण बीड़ी खड़ी फसलों में गिर गई, जिस कारण गेहूं की फसल में आग लग गई।
किसान राजबीर वासी मांडी ने बताया कि उसने 17 एकड़ जमीन पट्टे पर लेकर खेती की थी। पूरे खेत में आग लगने से उसका सब कुछ तबाह हो गया। परिवार का पोषण, बच्चों की पढ़ाई और दूसरे घरेलू काम अब नहीं हो पाएंगे। पट्टे पर जमीन लेकर सोचा था, फसल अच्छी पैदा हुई है और सब कुछ ठीक हो जाएगा। किसान राजबीर के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। ग्रामीण उसे सांत्वना दे रहे थे।
प्रशासन की लापरवाही आई सामने : कुलदीप बलाना
भाकियू के जिला प्रधान कुलदीप बलाना मौके पर पहुंचे और इस घटना को प्रशासन की लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बताया कि करीब 10 दिन पूर्व भाकियू की तरफ से जिला उपायुक्त से सभी ब्लॉक पर एक-एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी की तैनाती की मांग की गई थी। इसराना ब्लॉक में आज तक कोई गाड़ी नहीं तैनात की गई। जब भी आग लगती है तो जिला मुख्यालय से फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचने में समय लगता है। उन्होंने ब्लॉक लेवल पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी तुरंत उपलब्ध कराने की मांग दोहराई है।