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अनाज मंडी में दिन भर उतरी फसल, नहीं हुई फसल की खरीद,किसान अनाज मंडी में ही करते रहेंगे इंतजार

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आढ़ती एसोसिएशन की वीरवार से शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल के बाद पानीपत की अनाज मंडी में किसी भी किसान की फसल की खरीद नहीं हो पाई। आधे से ज्यादा किसानों को तो मंडी में आने के बाद पता चला कि आढ़ती हड़ताल पर चले गए हैं। आढ़तियों की ये हड़ताल अब धरती पुत्रों के लिए अग्नि परीक्षा बन गई है। फसल को मंडी में अनलोड करने के बाद न तो किसान इसे वापस लोड करवाकर अपने घर ले जा सकते हैं और न ही इसकी खरीद हो पा रही है। अब किसानों के पास महज इंतजार के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। पूरा दिन किसान अपनी फसल की खरीद के लिए बाट जोहते नजर आए। मजबूर किसानों का कहना रहा कि अगर उन्हें पता होता कि आढ़ती हड़ताल पर हैं, तो वे अपनी फसल को लेकर मंडी में आते ही नहीं। अब वापस गए तो अलग से फसल ढुलाई के लिए दो गुना किराया देना होगा। दूसरी ओर अनाज मंडी में चौकीदार न होने के कारण किसान अपनी फसल की चौकीदारी करने पर मजबूर हैं।
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बुधवार सुबह से ही फसल लेकर बैठा हूं : तिलक
बुधवार सुबह से ही अपनी फसल लेकर अनाज मंडी में बैठा हूं। बुधवार को कट्टे न होने के कारण आढ़ती ने कहा था कि कल खरीद करेंगे और वीरवार दोपहर को पता चला कि आढ़ती धरने पर बैठे हैं।
-तिलक कुमार, किसान, गांव डाडोला।
गेट पास कटने के बाद भी खरीद नहीं की : धर्मपाल
अनाज मंडी में आने के बाद गेट पास भी कटवा लिया, लेकिन जिले के आढ़ती धरने पर बैठे होने के कारण गेहूं की खरीद नहीं कर रहे हैं। अब अनाज मंडी में खाट मंगाने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि चौकीदारी कर सकें।
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धर्मपाल सिंह, किसान, शिमला गुजरान।
फसल उतरवाने के बाद पता चला कि खरीद बंद है : रामपाल
फसल उतरवाने के बाद पता चला कि फसल खरीद बंद हो गई है। पहले दिन लगभग 160 क्विंटल गेहूं लेकर अनाज मंडी में आया हूं। यहा पर फसल को बेचना भी है और गांव में बची फसल की कटाई भी करवानी है।
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-रामपाल सिंह, किसान, गांव डाडोला।
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