फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बठला सीजीएसटी रेड प्रकरण में मुख्यालय तक खड़के नेताओं के फोन -

विज्ञापन
विज्ञापन
105 करोड़ की फर्जी बिलिंग व 19.25 करोड़ की जीएसटी चोरी प्रकरण में सीजीएसटी रेड में गिरफ्तार होने के बाद जेल जा चुके मोहित बठला की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। चर्चा है कि बठला द्वारा जिन फर्मों के साथ डीलिंग की गई थी, उनमें से चार ऐसी फर्म भी हैं, जो शहर के नामी-गिरामी लोगों की हैं। इनमें भी अरबों रुपये का व्यापार होता है। इन फर्मों को इस प्रकरण व सीजीएसटी से बचाने के लिए कई नेता सीजीएसटी, जीएसटी विभाग के अधिकारियों को फोन पर फोन खड़काने पर लगे हैं। इसके लिए कई नेताओं के फोन तो सीजीएसटी कार्यालय चंडीगढ़ तक गूंज चुके हैं। बताया जा रहा है कि इन चारों फर्मों के बचाव के लिए अधिकारियों पर दबाव तक बनाया जा रहा है।
विज्ञापन

दूसरी ओर बठला परिवार पर भाजपा-जजपा का राजनीतिक संरक्षण भी है। खुद मोहित बठला सांसद के साथ फोटो खिंचवाकर शहर में बड़े-बड़े बैनर तक लगवा चुके हैं। वहीं, अशोक बठला के भाई सुरेश बठला जजपा के बड़े नेता हैं। लेकिन महज दो दिन बाद ही देखने में आया कि बठला कार्यालय पर रेड व उनकी गिरफ्तारी के दौरान शहर के कई मौजिज लोग उनके साथ खड़े दिखाई दिए, लेकिन कोर्ट पेशी के समय केवल उनके पिता अशोक बठला ही मौके पर मौजूद रहे। वहीं, बठला कारोबार को संभालने व सलाह देने वाले लोगों ने भी उनसे दूरी बनानी शुरू कर दी है। बठला परिवार को भी इसकी भनक लगते ही उन्होंने अपनी फेसबुक प्रोफाइल तक को छिपा दिया है।
बठला फर्म की बैलेंसशीट से होंगे और भी खुलासे
सीजीएसटी टीम ने रेड मारकर बठला फर्मों के बैंक अकाउंट सीज कर दिए हैं। वहीं, अब इनकी पर्सनल व फर्म खातों की बैलेंसशीट की जांच की जा रही है। इसकी जांच के बाद सीजीएसटी इस प्रकरण के आगे तक के तार जोड़कर एक बड़े रैकेट का खुलासा कर सकती है। फर्म से संबंध रखने वाली सभी फर्मों के जीएसटी नंबर हैं या नहीं, फैक्ट्री हैं यो गोदाम हैं, धरातल पर हैं भी या सिर्फ कागजों में फर्म बनाई गई हैं, की जांच रिपोर्ट सीजीएसटी तैयार कर रही है, जिसे मंगलवार को कोर्ट में सौंपा जा सकता है।
विज्ञापन

स्टेट जीएसटी अधिकारियों पर भी नजर
सीजीएसटी टीम के पास मोहित बठला प्रकरण में उनके साथ जुड़ी अन्य फर्मों को शह दे रहे अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है। चर्चित है कि सीजीएसटी ने रेड वीरवार दोपहर को डाली थी, लेकिन मोहित शुक्रवार को अपने कार्यालय पहुंचा था। सीजीएसटी अधिकारियों का मानना है कि इस रैकेट में स्टेट टीम के भी कुछ अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें