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स्कूलों में नहीं दो गज की दूरी, न मास्क जरूरी

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रेवाड़ी और झज्जर के स्कूलों में मं गलवार को 86 विद्यार्थियों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद भी स्कूल प्रबंधन सबक नहीं ले रहे हैं। सरकार की ओर से स्कूलों के लिए जारी गाइडलाइन का पालन स्कूलों में नहीं हो रहा है। अमर उजाला टीम ने बुधवार को पानीपत और समालखा के चार स्कूलों का लाइव किया। सामने आया कि न तो कहीं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जा रहा है न ही बच्चे मास्क लगा रहे हैं। यह हालत तब है जबकि मौसम में बदलाव के बाद देशभर में कोरोना के केस में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। अचरज की बात है कि बच्चों और अध्यापकों तक ने मास्क लगाना जरूरी नहीं समझा है।
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सीन-1
स्थान: गीता सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जौरासी रोड, समालखा
सैनिटाइजर की खाली बोतल रखी, बगैर मास्क घूम रहे विद्यार्थी और अध्यापक
स्कूल के गेट पर सैनिटाइजर की बोतल तो थी, लेकिन उसमें सैनिटाइजर नहीं था। स्कूल में बगैर मास्क के विद्यार्थियों को प्रवेश मिल रहा था। स्कूल के अंदर भी किसी ने मास्क नहीं लगाया था। यहां तक कि स्कूल के अंदर कुछ अध्यापक भी बगैर मास्क के घूमते दिखे। स्कूल के वॉशरूम के बाहर लगे सिंक पर हैंडवॉश तक नहीं था।
सीन-2
स्थान: मॉडल संस्कृति स्कूल, लाल बत्ती, पानीपत
सबसे ज्यादा विद्यार्थी, फिर भी दो गज दूरी न मास्क जरूरी
जिले के सबसे ज्यादा विद्यार्थियों वाले स्कूल में गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्कूल में पहले ही कमरों की कमी है, लेकिन उन कम कमरों में भी मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है। यह सरकारी स्कूल है और प्रदेश सरकार इन स्कूलों को निजी स्कूलों की तर्ज पर विकसित कर रही है। विद्यार्थी यहां बगैर मास्क के ही स्कूल से निकलते दिखाई दिए।
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सीन-3
स्थान: चंदन बाल विकास स्कूल, समालखा
नन्हें मुन्ने बगैर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग ही इंतजार करते मिले
स्कूल की छुट्टी होने वाली थी, कुछ बच्चों के माता-पिता उन्हें लेने आए और वे बच्चों को घर लेकर जा रहे थे। वहीं कुछ बच्चे स्कूल के अंदर ही बैठे अपने माता पिता के आने का इंतजार करते दिखाई दिए। ना तो इन्होंने मास्क लगाया था न ही सोशल डिस्टेंसिंग ही दिखी।
सीन-4
स्थान: आर्य स्कूल पानीपत
बिना मास्क के स्कूल से घर जाते छात्र
बिना मास्क के ही विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश दिया जा रहा है। इतना ही नहीं स्कूल के अंदर भी मास्क पहनने पर कोई सख्ती नहीं दिखी। यहां भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होते नहीं दिखा। आर्य बाल भारती और आर्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों ने मास्क लगा ही नहीं रखा था।
बच्चों के कोरोना टेस्ट के लिए सीएमओ को 10 बार ईमेल किया गया है। बताया गया है कि प्रति विद्यार्थी 16 सौ रुपये टेस्ट में खर्च होंगे। जिसके बाद ही टेस्ट होगा। अपने स्तर पर गाइडलाइन का पालन कराया जा रहा है।
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- रमेश वत्स, हेडमास्टर, गीता सीनियर सेकेंडरी स्कूल
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