आर्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल एक बार फिर से विवादों के घेरे में आ चुके हैं। इस बार स्कूल की पीयन रह चुकी महिला व उसके परिवार ने उन पर गंभीर आरोप जड़े हैं। पीड़ित महिला का आरोप है कि प्रिंसिपल उनसे अपने कपड़ों के साथ-साथ अंडरवियर तक धुलवाते थे। उनसे कई बार मसाज तक करवाई। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया। जिसकी एवज में पीड़िता पक्ष ने कोर्ट से स्टे आर्डर लिया। अब पीड़िता को परिवार समेत स्कूल के क्वार्टर खाली करने के लिए धमकी, चेेतावनी तक जारी करवाई जा रही हैं।
आरोप है कि प्रिंसिपल के कहने पर उनके क्वार्टर से पीने के पानी तक का कनेक्शन काट दिया गया है। एक कमरे का बिजली बिल साढ़े चार हजार भेजा जा रहा है। उन्हें स्कूल के बाहर तक आने-जाने पर पाबंदी लगाई गई है। उनके घर तोड़फोड़ करवाई जाती है। महिला व उसके परिवार ने स्कूल के पीटीआई, गेटकीपर व एक अन्य अध्यापक पर भी मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। इसकी शिकायत कई बार महिला ने जिला प्रशासन को भी दी, लेकिन किसी ने फरियाद नहीं सुनी। महिला ने बताया कि एक बार तो तंग आकर पुलिस को भी स्कूल में बुला लिया, लेकिन पुलिस भी महिला व उसके परिवार की कोई मदद नहीं कर पाई। उसका डरा सहमा परिवार अब स्कूल के अंदर वाले क्वार्टर में ही बैठा रहता है।
जाली से कैद में दिखा परिवार
सोमवार को अमर उजाला टीम मौके का मुआयना करने पहुंची, लेकिन स्कूल का मेन गेट बंद था। स्कूल के पीछे वाला गेट भी बंद था और साइड के गेट पर भी ताला लगाया हुआ था। आर्य स्कूल के पीछे खेल मैदान के पास से जाकर जालियों के बाहर से ही महिला व उसके परिवार से बातचीत की गई, जिस पर पीड़ित परिवार ने अपनी व्यथा सुनाई।
कोरोना काल में किया बेरोजगार
पीड़िता रेखा ने बताया कि वह करीब ढाई साल से स्कूल में पीयन के पद पर तैनात है और अपने चार बच्चों व पति के साथ स्कूल के ही क्वार्टर में रहती है। उसे 14 सिंतबर को हटा दिया गया। इसी दौरान 6 अन्य अध्यापकों को भी हटाया गया था। जिसकी वे कोर्ट से स्टे आर्डर लेकर आए हैं।
चोरी-छिपे भरना पड़ता है पानी
पीड़िता रेखा व उसके परिवार ने बताया कि रात को चोरी छिपे उन्हें पानी भरना पड़ता है। कई बार तो कई कई दिनों तक पानी नहीं मिलता। सभी गेटों पर ताला लगा दिया जाता है। आपातकालीन अवस्था में मिन्नतें करने के बाद बाहर जाने दिया जाता है। स्कूल के पीटीआई ओर एक अन्य अध्यापक उन पर गलत प्रकार के इल्जाम लगाते हैं।
महिला के आरोप बेबुनियाद व निराधार हैं। महिला को कोर्ट स्टे आर्डर से पहले ही निकाल दिया गया था। इसलिए पहले वाले नियम ही लागू रहेंगे। महिला को परिवार समेत क्वार्टर खाली करने के लिए कहा गया है। इसलिए वे झूठे आरोप लगा रही हैं। मैं तो अभी शहर में हूं भी नहीं। आऊंगा, तब बात करूंगा। - गोपाल आर्य, प्रिंसिपल, आर्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पानीपत।