- मेरठ की ओर जाने वाले वाहनों को सोनीपत व सहारनपुर और मुजफ्फरनगर की ओर जाने वाले वाहनों को करनाल से देवबंद होकर निकाला जाएगा
- पानीपत से गुजरते हैं रोहतक, भिवानी, हिसार, हांसी और राजस्थान के कांवड़ यात्री
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। कांवड़ मार्ग पर भोले के भक्तों की संख्या बढ़ने लगी है। अगले दो दिन में जिले में पहुंचने वाले कांवड़ियों की संख्या और बढ़ेगी। साथ ही डाक कांवड भी शुरू हो जाएगी। जिसे देखते हुए 19 जुलाई से कांवड़ मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। वाहन चालकों के लिए रूट डायवर्ट होगा। मेरठ की ओर जाने वाले वाहनों को सोनीपत और सहारनपुर व मुजफ्फरनगर की ओर जाने वाले वाहनों को करनाल से देवबंद होकर निकाला जाएगा।
पानीपत से लेकर रोहतक, भिवानी, हिसार और आसपास के जिलों के साथ-साथ राजस्थान पहुंचने वाले कांवड़ यात्री भी गुजरते हैं। प्रतिवर्ष दो से ढाई लाख कांवड़ यात्री पानीपत जिले में पहुंचते हैं। जिसे देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पानीपत-हरिद्वार मार्ग को कांवड़ यात्रियों के लिए आरक्षित किया गया है। यात्रा शुरू होने के साथ ही हाईवे पर भारी वाहनों के चलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। अभी एक साइड में कांवड़ यात्री और एक साइड से वाहनों को निकाला जा रहा है।
जैसे-जैसे कांवड़ यात्रियों की संख्या बढ़ रही है, कांवड़ मार्ग पर यातायात को और सख्त किया जा रहा है। 19 जुलाई से कांवड़ मार्ग पर हल्के वाहनों के संचालन को भी प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। इसके बाद कांवड़ मार्ग पर हरिद्वार जाने वाले डाक कांवड़ के वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। शिव रात्रि तक यह प्लान लागू रहेगा।
कांवड़ मार्ग पर भारी और हल्के वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगने के बाद वाहन चालकों को सोनीपत और करनाल के रास्ते निकाला जाएगा। मेरठ की ओर जाने वाले वाहनों को सोनीपत होकर निकाला जाएगा। वहीं सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जाने वाले वाहनों को करनाल से होकर निकाला जाएगा।
-वर्जन
कांवड़ मार्ग पर कांवड़ यात्रियों की संख्या बढ़ने लगी है। दो दिन बाद यह संख्या और अधिक तेजी से बढ़ेगी जिसे देखते हुए 19 जुलाई से कांवड़ मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों के संचालन को बंद कर दिया जाएगा।
- सुरेश सैनी, डीएसपी यातायात