नगर निगम की टैक्स ब्रांच से रोजाना मिल रही भ्रष्ट कर्मचारियों, दलालों और काम न होने की शिकायतों का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को आयुक्त वत्सल वशिष्ठ ने औचक निरीक्षण किया। उन्होंने टैक्स ब्रांच के कर्मचारियों द्वारा अलमारियों में रखी हुई एक-एक फाइल चेक कीं। लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं, यहां तक की दलाली और भ्रष्टाचार के जाल को काटने का प्रयास करते हुए कर्मचारियों को चेतावनी तक दे दी कि उनकी एक शिकायत उनसे उनकी नौकरी छीन सकती है।
कर शाखा में लोगों की बढ़ती भीड़ को कम करने के लिए आयुक्त खुद शाखा के मेन गेट पर तीन घंटे तक खड़े रहे और लोगों को अपने हाथ से टोकन बांटा। खास बात ये रही कि आयुक्त ने किसी भी आम आदमी को ये नहीं बताया कि वे कमिश्नर हैं। वे आम कर्मचारी की भांति लोगों से उनकी समस्याएं सुनते रहे और उनको टोकन के साथ अंदर जाने की प्रार्थना करते दिखाई दिए।
निगम आयुक्त ने अधिकारियों को कर शाखा के हर क्लर्क और अधिकारी के कार्यालय से लेकर मुख्य द्वार तक सीसीटीवी की फुल कवरेज करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि उन्हें कर शाखा के हर कोन की पूरी ऑडियो और वीडियो रिकार्डिंग चाहिए है। यहां कौन कौन आते हैं, किस हिसाब से कर्मचारी लोगों से बातचीत करते हैं। इसके साथ सभी के चेहरे पहचानने वाला सॉफ्टवेयर भी होना चाहिए, ताकि दलालों के चेहरे पहचान उन पर तुंरत एफआईआर दर्ज करवाई जा सके।
निगम आयुक्त ने मौके पर ही मैनपावर सलाहकार को फोन कर दो सुरक्षा कर्मी को हायर करने की बात कही। उन्होंने कहा कि कुछ लोग गलत तरीके से निगम की कर शाखा में घुसते है। जिनका कोई काम तक नहीं होता। दलाली करते हैं, लोगों को परेशान करते हैं। इसके लिए दो सुरक्षा कर्मी हमेशा कार्यालय के मेन गेट पर खड़े रहेंगे। गेट पर एक चेन लगवा दी गई, जिसमें से एक समय में केवल एक आदमी ही गुजर सके। बिना काम के टैक्स ब्रांच में आने पर अब पाबंदी रहेगी।
आयुक्त ने मौके पर निर्देश दिए कि कार्यालय के मेन गेट पर टोकन वेंडिंग मशीन लगाई जाए। यहीं पर सैनिटाइजर मशीन लगाई जानी चाहिए। जिसमें सुबह 9 से लेकर 10 बजे तक टोकन बंटेंगे। इसके बाद बिना टोकन के अंदर प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। टोकन भी केवल उसी को मिलेगा, जिसका खुद का काम होगा। अगर कोई ओर किसी ओर की फाइल लेकर आता है तो उसे टोकन नहीं दिया जाएगा।
आयुक्त मेन गेट पर खड़े होकर चौकीदारी तक की भूमिका निभा रहे थे, कई बुजुर्ग महिलाओें ने तो उनके इस जज्बे को देखते हुए उनके सिर पर हाथ रखते हुए उन्हें आशीर्वाद तक दिया। इसी दौरान किला लाइब्रेरी महिला कर्मचारी आई और आयुक्त से बोली मुझे आयुक्त से मिलना है, लाइब्रेरी की शिकायत करनी है। आयुक्त ने हंसकर उनकी शिकायत ली और उसे ईओ को रिक्मेंड करते हुए कार्रवाई के आदेश दिए। जब लाइब्रेरियन को पता चला कि गेट पर आयुक्त खुद खड़े थे तो उन्होंने आयुक्त से माफी भी मांगी।