वारदात के बाद आरोपी को लोगों ने मौके से दबोच लिया और पीटाई कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी ने दो माह पहले कार से टक्कर मारकर कंप्यूटर सेंटर संचालक को घायल किया था। वह समझौते के लिए पीड़ित के पास चक्कर लगा रहा था।
हरियाणा के पानीपत में हारट्रोन कंप्यूटर सेंटर संचालक विनोद भराड़ा की दिनदहाड़े उनके घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई। लोगों ने आरोपी को मौके पर पकड़ लिया और धुन दिया। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस के हवाले कर दिया।
विज्ञापन
आरोपी ने दो माह पहले कंप्यूटर सेंटर संचालक को टक्कर मार दी थी, तब से वह बिस्तर पर ही थे। हाल ही आरोपी जमानत पर बाहर आया और मामले में समझौता करने का दबाव बना रहा था। पुलिस के मुताबिक, कंप्यूटर सेंटर संचालक के न मानने पर उसने विनोद के सिर और पीठ पर गोली मारकर हत्या कर दी।
परमहंस कुटिया के सामने घेर अराइयां निवासी विनोद भराड़ा (46) का सुखदेव नगर में हारट्रोन कंप्यूटर सेंटर चलाते थे। दो माह पहले आरोपी पंजाब के बठिंडा स्थित बलराज नगर निवासी देव सुनार उर्फ दीपक ने उन्हें कार से टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके दोनों पैर टूट गए और तब से वह बिस्तर पर ही थे।
विज्ञापन
आरोपी देव सुनार जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद से उन पर समझौते के लिए दवाब बना रहा था। विनोद समझौता नहीं कर रहे थे। ऐसे में आरोपी बुधवार की दोपहर करीब 12 बजे विनोद के घर गया और उनके कमरे में जाकर अंदर से कुंडी लगा ली।
पत्नी के शोर मचाने पर लोग इकट्ठा हो गए। इसी बीच कमरे में दो बार गोली चलने की आवाज आई। खिड़की से देखने पर विनोद खून से लथपथ जमीन पर पड़े मिले। आरोपी के बाहर निकलने पर लोगों ने उसे धुन दिया। फिर उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। एसपी शशांक कुमार सावन ने मौके का निरीक्षण किया। उनके साथ शहर थाना डीएसपी वीरेंद्र सिंह, किला थाना प्रभारी महिपाल सिंह और शहर थाना पुलिस कर्मी थे।
आरोपी देव की जेब से तीन कारतूस और एक लोडेड कट्टा मिला
एफएसएल टीम ने मौके से दो खोल बरामद किए। इसके अलावा आरोपी की जेब से तीन कारतूस और एक लोडेड कट्टा बरामद किया। लोगों की धुनाई से आरोपी बुरी तरह घायल हो गया। उसका सामान्य अस्पताल में इलाज कराया गया।
शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। मृतक के चाचा वीरेंद्र भराड़ा की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। हत्या समेत अन्य धाराएं लगाई गई हैं। आरोपी से पूछताछ जारी है कि उसे कट्टा कहां से उपलब्ध हुआ। - वीरेंद्र सिंह, डीएसपी, शहर