हरियाणा के पानीपत में हारट्रोन कंप्यूटर सेंटर के संचालक विनोद भराड़ा की हत्या में ढाई साल बाद सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस मामले में विनोद भराड़ा की पत्नी निधि भराड़ा मास्टरमाइंड निकली। उन्होंने अपने जिम ट्रेनर प्रेमी के साथ मिलकर विनोद भराड़ा की 10 लाख की सुपारी देकर हत्या कराई थी।
इसके साथ आरोपी और उनके परिवार का जेल की समय अवधि का पूरा खर्च देने का सौदा किया था। मुख्य आरोपी ने उनकी घर में घुसकर गोली मारकर हत्या की थी। इससे दो महीने पहले गाड़ी से टक्कर मारकर हत्या का प्रयास किया था। पुलिस ने अब एक्सीडेंट के मुकदमें में धारा 307 और हत्या के मामले में धारा 120 जोड़ ली है। हत्या के मुकदमें में निधि भराड़ा और उनके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने शनिवार देर शाम को हत्या के मामले का पटाक्षेप किया। उन्होंने बताया कि परमहंस कुटिया कॉलोनी में दिसंबर 2021 में विनोद भराड़ा की हत्या की वारदात को सीआईए-थ्री पुलिस टीम ने सफलतापूर्वक सुलझा लिया है।
इसमें मृतक विनोद भराड़ा की पत्नी निधी भराड़ा ने प्रेम प्रंसग के चलते अपने प्रेमी सुमित उर्फ बंटू निवासी गोहाना के साथ मिलकर साजिश रच पंजाब के बठिंडा निवासी देव सुनार पर विनोद का पहले एक्सीडेंड करवाया। विनोद भराड़ा एक्सीडेंट में बच गए।
आरोपी ने इसके ढाई महीने बाद उनकी घर में घुसकर पिस्तौल से गोली मारकर हत्या कर दी थी। आरोपी ने तीन-चार गोली मारी थी। वह भागने लगा तो लोगों ने पकड़ लिया था। आरोपी निधि व उसके प्रेमी सुमित उर्फ बंटू निवासी गोहाना को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी सुमित उर्फ बंटू ने रिमांड के दौरान बताया कि उसने व निधि ने विनोद की एक्सीडेंट में हत्या करवाने की साजिश रची। उसने पंजाब के बठिंडा निवासी ट्रक चालक देव सुनार उर्फ दीपक से संपर्क किया। उसको 10 लाख रुपये नकद व केस का सारा खर्च देने का प्रलोभन दिया। वह हत्या करने के लिए तैयार हो गया।
उसने देव सुनार को पंजाब नंबर की एक लोडिंग पिकअप गाड़ी दिलवाई। देव सुनार ने पांच अक्टूबर 2021 को विनोद को जान से मारने की नीयत से उक्त गाड़ी से सीधी टक्कर मारकर विनोद का एक्सीडेंट कर दिया। एक्सीडेंट में विनोद की मौत नहीं हुई तो बाद में दोनों ने पिस्तौल से विनोद को मरवाने का प्लान बनाया। देव सुनार की जेल से जमानत करवाई और उसको दोबारा से तैयार कर अवैध हथियार उपलब्ध करवा माफी मांगने के बहाने विनोद बराड़ा के घर भेजा।
इसके बाद 15 दिसंबर 2021 को देव सुनार ने घर में घुसकर पिस्तौल से विनोद भराड़ा की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी सुमित उर्फ बंटू जेल में बंद देव सुनार के केस व घर पर परिवार का पूरा खर्च खुद दे रहा था। प्लान के अनुसार निधि मार्च 2024 में अदालत में अपनी गवाही से मुकर गई।
यह है मामला
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि थाना शहर में वीरेंद्र निवासी परमहंस कुटिया की शिकायत पर दिसंबर 2021 में मुकदमा दर्ज है। उन्होंने बताया था कि उसका भतीजा विनोद भराड़ा का सुखदेव नगर में हारट्रोन कंप्यूटर सेंटर है। विनोद पांच अक्टूबर 2021 की शाम को परमहंस कुटिया के गेट पर बैठा था। तभी पंजाब नंबर की एक गाड़ी के चालक ने विनोद को सीधी टक्कर मार दी। विनोद की दोनों टांग टूट गई थी। थाना शहर पुलिस ने इस मामले में एक्सीडेंट की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया था। गाड़ी चालक आरोपी देव सुनार उर्फ दीपक निवासी बठिंडा पंजाब को गिरफ्तार कर लिया था। देव सुनार 15 दिन बाद समझौते के लिए उसके पास आया।
उन्होंने समझौता करने से मना कर दिया तो आरोपी अंजाम भुगतने की धमकी देकर चला गया। देव सुनार ने 15 दिसंबर 2021 को देसी पिस्तौल लेकर आया और घर में घुसकर दरवाजा बंद कर लिया। यह देख विनोद की पत्नी ने शोर मचाया तो वह सहायता के लिए बेटे यश, निधी व पड़ोसी के साथ विनोद के घर पहुंचा। उन्होंने दरवाजा खोलने की कोशिश की दरवाजा नहीं खुला। उसने खिड़की से देखा आरोपी देव सुनार ने विनोद को बेड से नीचे डालकर पिस्तौल से कमर व सिर में गोली मार दी। उन्होंने आरोपी देव सुनार को मौके पर ही काबू कर पुलिस के हवाले कर दिया था। विनोद को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया।
ऐसे खुला मामला
पुलिस अधीक्षक को पिछले दिनों एक विदेशी नंबर से सोशल मीडिया पर संदेश प्राप्त हुआ। उन्होंने पता कराया तो यह नंबर ऑस्ट्रेलिया से विनोद भराड़ा के भाई का मिला। इसमें विनोद भराड़ा की हत्या में परिवार के लोगों का हाथ होने का शक जताया और मामले में दोबारा जांच शुरू करने की मांग की गई थी। उन्होंने सड़क हादसे व हत्या के दोनों केस की फाइल मंगवाई। उन्होंने इनका खुद अध्ययन किया। सीआईए-थ्री प्रभारी दीपक कुमार को जांच में लगाया। इसमें कड़ी से कड़ी जुड़ती नजर आई तो कोर्ट में अर्जी देकर मामले की दोबारा जांच करने की मांग की। हत्या का आरोपी देव सुनार पानीपत जेल बंद था। पुलिस न्यायालय में चालान पेश कर चुकी थी। यह मामला न्यायालय में ट्रायल पर था।
जिसमें सामने आया कि आरोपी देव सुनार की सुमित नाम के युवक के साथ बातचीत थी और सुमित की मृतक विनोद भराड़ा की पत्नी निधि के साथ काफी बातचीत होनी पाई गई। पुलिस टीम ने सात जून को आरोपी सुमित उर्फ बंटू निवासी गोहाना को सेक्टर11-12 की मार्केट से गिरफ्तार कर पूछताछ की तो आरोपी देव सुनार से विनोद का पहले एक्सीडेंट व बाद में गोली मरवा हत्या करवाने की वारदात को अंजाम देने बारे स्वीकारा। पुलिस ने सुमित उर्फ बंटू को सात जून को न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे सात दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी निधि को शुक्रवार को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने सुमित उर्फ बंटू के साथ मिलकर उक्त वारदात को अंजाम देने बारे स्वीकारा। पुलिस ने शनिवार को दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
निधि और सुमित की जिम में हुई थी मुलाकाम
आरोपी सुमित उर्फ बंटू ने रिमांड के दौरान पूछताछ में पुलिस को बताया वह वर्ष 2021 में पानीपत की एक जिम में ट्रेनिंग देता था। विनोद की पत्नी निधि भी वहां जिम करने के लिए आती थी। दोनों की दोस्ती हो गई। दोनों आपस में काफी बातचीत करते थे। विनोद को उन दोनों के बारे में पता चला गया। उसकी विनोद के साथ एक-दो बार कहासुनी भी हुई। विनोद घर पर अपनी पत्नी निधि के साथ भी झगड़ा करने लगा।