हरियाणा के पानीपत के मतलौडा थाना पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। पुलिस ने पानीपत, जींद और करनाल में ट्रांसफार्मर चोरी की 70 वारदातों को अंजाम देने वाले पांच आरोपियों को पकड़ा है। पुलिस ने आरोपियों से ट्रांसफार्मर का सामान खरीदने वाले दो कबाड़ियों को भी गिरफ्तार किया है। आरोपी दिन में खेतों में ट्रांसफार्मरों की रेकी करते थे।
फिर रात को वारदात को अंजाम देते थे। इसके बाद ट्रांसफार्मर की तांबे की क्वाइल 10-12 हजार रुपये में कबाड़ी को बेचते थे। इस गिरोह का सरगना ट्रांसफार्मर मिस्त्री ही है। पुलिस ने सातों आरोपियों से छह हजार रुपये, वारदात में प्रयुक्त स्कूटी व एक बाइक बरामद की है। आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
मतलौडा थाना प्रभारी आईपीएस मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि उनकी टीम को रविवार को सूचना मिली थी कि ट्रांसफार्मर चोरी करने वाले गिरोह के सदस्य गांव वैसर स्थित एक इलेक्ट्रिकल दुकान पर बैठे हैं। इस पर उन्होंने एसआई बंसीलाल के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया।
टीम ने दुकान से पांच युवकों को हिरासत में लिया। इनकी पहचान गांव कवी निवासी वीरेंद्र, महाबीर, मतलौडा निवासी नवीन, विक्रांत व विपिन के रूप में हुई। इनसे सख्ती से पूछताछ की गई तो इन्होंने ट्रांसफार्मर चोरी की 70 वारदातों को कबूल किया। इनमें से 52 वारदात पानीपत, 14 वारदात करनाल व तीन वारदात जींद की है।
गिरोह का सरगना गांव कवी निवासी वीरेंद्र पेशे से ट्रांसफार्मर मैकेनिक है। गिरोह के सदस्य ट्रांसफार्मर चोरी कर उसका सामान वैसर रोड व सफीदों रोड पर कबाड़ी आरोपी ऋषिपाल निवासी मतलौडा व महाबीर निवासी वैसर को बेचते थे। पुलिस ने इन दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया है।