पानीपत। अपनों से रिकवरी के मामलों में पुलिस की कार्रवाई लीपापोती भर है। बहुचर्चित चूरापोस्त मामले में 30 लाख की रिश्वत लेने के आरोपी चार थानेदारों से एक भी पैसे की रिकवरी नहीं हो सकी। अब आठ लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में फंसे थानेदार राजेंद्र सिंह के मामले में भी पुलिस का हाल कुछ इसी प्रकार का है। वह रिमांड पर है, लेकिन पुलिस ने फिलहाल उससे एक पैसे की रिकवरी नहीं दिखाई है। मामले में शामिल हवलदार भी अभी पुलिस पकड़ से दूर है। गत दिनों 15 हजार रुपये की रिश्वत लेने का आरोपी एएसआई भी 20 दिन से फरार है। रिमांड के दौरान रिश्वत में लिए गए पैसों की रिकवरी न होने से केस ढीले पड़ गए हैं। पुलिस हालंाकि अपनी खाकी से दाग धोने में लगी है, लेकिन अपनों के केसों में पुलिस की कार्यप्रणाली व नीयत पर सवाल उठ रहे हैं।
गांव नारा निवासी मादक पदार्थ तस्करी के आरोपी राजेश से केस कमजोर करने की एवज में आठ लाख रुपये लेने के आरोपी इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह पुलिस रिमांड पर है। रिमांड के दौरान फिलहाल उससे एक पैसे की भी रिकवरी नहीं हुई है। जबकि रिमांड आठ लाख रुपये की रिकवरी व ढाई किलो चरस को बरामद करने के लिए लिया गया है। मामले में बिचौलिया हवलदार जयबीर की गिरफ्तारी भी अभी नहीं हो पाई है। मामले की जांच मतलौडा थाना क्षेत्र डीएसपी बली सिंह कर रहे है। शुक्रवार को पुलिस ने तस्करी के आरोपी राजेश को तीन दिन के रिमांड के बाद कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
30 लाख रिकवर नहीं, केस कमजोर
दिसंबर माह में गांव बसाड़ा निवासी मादक पदार्थ तस्करी के आरोपी सुदेश से 22 क्विंटल चूरापोस्त मामले को कमजोर करने की एवज में 30 लाख रुपये की रिश्वत ली गई थी। आरोपी एसआई कृष्ण कुमार,जयबीर व एएसआई नरेश समेत चार थानेदारों को गिरफ्तार कर पुलिस ने रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान इनसे एक पैसे की भी रिकवरी नहीं दिखाई थी। आरोपियों के पास से रिश्वत के पैसों की रिकवरी नहीं होने से अदालत में इनके खिलाफ केस कमजोर पड़ गया है।
20 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं
तहसील कैंप निवासी कमल से 9 मई को जायदाद के मामले में समझौता करवाने की एवज में 15 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोपी एएसआई ब्रजपाल 20 दिन बाद भी फरार है। पुलिस अब तक एएसआई को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधिकारियों पर मामले में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए है।
केस का आधार ही रिश्वत है
वकील पवन खुराना के बताया कि पुलिस ने रिमांड के दौरान रिश्वत लेने के आरोपी पुलिस कर्मियों से एक पैसे की भी रिकवरी नहीं दिखाई गई। पैसों की रिकवरी ना होने से केस का आधार कमजोर हो जाता है। केस का आधार रिश्वत की रकम है। अगर रकम रिकवर नहीं हुई तो साक्ष्य के अभाव में आरोपी बरी हो सकते है।
वर्जन
रिमांड के दौरान अब तक इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह से पैसों की रिकवरी नहीं हुई है। पुलिस आरोपी हवलदार व प्राइवेट व्यक्ति की तलाश में छापेमारी कर रही है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अनिल कुमार, प्रवक्ता पानीपत पुलिस