एंटी करप्शन ब्यूरो पानीपत की टीम ने समालखा तहसील के पटवारी अनिल कुमार को गढ़ी छाजू गांव के किसान से आठ हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी ने एक किसान से जमीन का खाता अलग करने के लिए रिश्वत की मांग की थी। किसान 17 हजार रुपये पहले दे चुका था। इससे पहले इंतकाल के लिए 1100 रुपये अलग से ले रखे थे। किसान ने दी थी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम के प्रभारी सतपाल ने बताया कि गढ़ी छाजू गांव के किसान अशोक ने पटवारी अनिल कुमार के खिलाफ रिश्वत लेने की शिकायत दी थी। उनका आरोप है कि तीन भाइयों की जमीन का खाता अलग करने की एवज में 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। उनमें 25 हजार में सौदा तय हुआ था। वह पटवारी को 17 हजार रुपये पहले ही ले चुका है। इसमें चार हजार रुपये पटवारी के सहायक और 13 हजार पटवारी को दे चुका है। आठ हजार रुपये बाकी थे। ब्यूरो ने टीम ने पाउडर लगाकर आठ हजार रुपये किसान अशोक को दिए। अशोक ने मंगलवार को पटवारी अनिल को उनके कार्यालय में आठ हजार रुपये पकड़ाए। टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पटवारी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पटवारी जौरासी गांव का है और 2019 से समालखा में ज्वाइन किया था। उनके अधीन अब करहंस, मच्छरौली और गढ़ी छाजू गांव है। आरोपी अनिल को कल अदालत में पेश किया जाएगा। पटवारी 1100 रुपये लेकर भी कटवाता रहा चक्कर अशोक ने बताया कि वे तीन भाई हैं। उनकी खेत की जमीन का खाता अलग कराने के लिए 22 मई को तहसील कार्यालय में पटवारी अनिल से मिला था। उसी समय 11 सौ रुपये देकर खाता तकसीम करने को कहा लेकिन आरोपी पटवारी अनिल बार-बार चक्कर कटवा रहा था। कई दिन पहले पटवारी से उसके भाई से खाता अलग करने की एवज में 30 हजार रुपये की मांग की। अशोक ने एसीबी के टोल फ्री नंबर पर पंचकूला में बात कर अपनी समस्या बताई। उन्होंने पटवारी के साथ सौदा करने को कहा। अशोक ने बताया कि जब उसने पटवारी अनिल से दोबारा मिला और बात की तो 25 हजार रुपये तय हुआ। करनाल और पानीपत के अधिकारियों की टीम रिश्वतखोर पटवारी को पकड़ने की योजना बनाकर समालखा पहुंची।