हर कदम पर गलत साबित हुई पुलिस
पुलिस को जब गलती का अहसास हुआ तो हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सबूत मिटाना शुरू कर दिया। अकाली नेता के परिजनों ने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और पुलिस का जमकर विरोध किया। इस मामले में पुलिस का कहना था कि पहले मुक्खा ने उन पर गोली चलाई। एक कांस्टेबल घायल हुआ। फिर पुलिस ने गोली चलाई। मुक्खा के परिजनों की मांग पर पंजाब सरकार और डीजीपी द्वारा स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम गठित की।
इस टीम के इंचार्ज आईजी पुलिस जी नागेश्वर को बनाया गया। उनके साथ डीआईजी बार्डर रेंज एके मित्तल और आईजी जोनल क्राइम तेजेंद्र सिंह शामिल थे। टीम ने एक सप्ताह अमृतसर में जांच की। सिट की रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि पुलिस ने मुक्खा को देखते ही गोलियों की बौछार कर दी और उसको गोली चलाने का मौका तक नहीं मिला। इतना ही नहीं, पुलिस ने गोली चलाने से पहले किसी बड़े अधिकारी का आदेश नहीं लिया।
इस मामले में हाईकोर्ट ने एसआईटी की रिपोर्ट पर आठ पुलिस कर्मचारियों पर मामला दर्ज करने और उन्हें गिरफ्तार करने के आदेश दिए। इस मामले में एसआई रमेश कुमार, एएसआई जोगिंदर सिंह, हेड कांस्टेबल रणबीर सिंह, राजेश कुमार, संदीप कुमार, जसबीर सिंह, कांस्टेबल नवजोत सिंह और सतविंदरजीत सिंह पर अमृतसर सिटी के थाना वर्क में मामला दर्ज किया गया था। पुलिसकर्मियों ने बचाव के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें हत्या का केस न चलाने की अपील की गई थी, लेकिन वर्ष 2019 में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से पुलिसकर्मियों को कोई राहत नहीं मिली थी।
चोरी की गाड़ियों का पुलिस ने किया था प्रयोग
आईजी नागेश्वर राव की अध्यक्षता में बनाई गई टीम ने जांच में पाया था के पुलिस टीम द्वारा एनकाउंटर के दौरान जिन गाड़ियों का प्रयोग किया गया है वह चोरी की थीं। आईजी जी नागेश्वर राव ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की थी। इसमें कहां गया था कि पुलिस टीम ने वरना गाड़ी और और एक अन्य वाहन का प्रयोग किया गया। यह दोनों ही वाहन चोरी के केस में मालखाना में बंद थे। इस संबंध में उसे समय के सब इंस्पेक्टर रमेश कुमार और साइबर क्राईम सेल के इंचार्ज हेड कांस्टेबल कमलजीत सिंह पर कार्रवाई के लिए भी लिखा गया था।
किसी दूसरे पुलिस मुलाजिम के नाम पर थी प्रयोग की गई एके 47 राइफल
इस एनकाउंटर के दौरान प्रयोग किए गए हथियारों की जांच में पाया गया था कि एक के 47 राइफल के साथ मुक्खा पर फायरिंग की गई थी। यह राइफल कांस्टेबल लव कुमार के नाम पर जारी की गई थी। लेकिन एनकाउंटर के दौरान इस राइफल का प्रयोग हेड कांस्टेबल राजेश कुमार द्वारा किया गया था।