पानीपत के इसराना खंड के गांव पलड़ी में बच्ची को खरीदने का एक मामला सामने आया है। मामला मानव तस्करी का हो सकता है है। आरोप है कि एक दंपती ने तीन लाख रुपये में नवजात बच्ची को खरीदा और बीमार होने पर उसे एनसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। जहां पर पहुंची एक महिला ने दंपती का पर्दाफाश कर दिया।
पूरी राशि न मिलने पर महिला ने शोर मचा दिया और दंपती बच्ची के असल माता पिता न होने की बात कही। जिसके मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने शक होने पर मामले की सूचना इसराना थाना पुलिस को दी, जिस सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दंपती के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार पलड़ी गांव के दंपती ने 22 जुलाई को इसराना के एनसी मेडिकल कॉलेज में 10 दिन की बच्ची को भर्ती कराया था। बच्ची उल्टी, बुखार और डायरिया से पीड़ित है। अस्पताल के स्टाफ ने बच्ची के हालत में सुधार होने पर बच्ची की मां को दूध पिलाने को कहा, लेकिन महिला ने यह इनकार कर दिया कि उसे डायबिटीज की बीमारी है, उसे सुबह शाम इंजेक्शन लगते हैं।
स्टाफ बदलने पर फिर दूसरे दिन महिला को बच्ची को दूध पिलाने के लिए कहा गया, लेकिन महिला ने इस बार कहा वह बच्ची को दूध नहीं पिला सकती है। ऐसे में स्टाफ को शक हो गया। 25 जुलाई को एक महिला अस्पताल पहुंची और पैसों के लेन देन में झगड़ा करने लगी।
पूरी पेमेंट न मिलने पर महिला ने शोर मचाते हुए कहा कि ये दंपती इसके असल माता पिता नहीं है। स्टाफ का शक यकीन में बदल गया और उन्होंने बुधवार को मामले की सूचना इसराना थाना पुलिस को दी।
गुरुग्राम से तीन लाख में खरीद कर लाए
सूत्रों के अनुसार बच्ची को दंपती गुरुग्राम के पास गाजीपुर से तीन लाख में खरीदकर लाए थे। जिन में 2.60 लाख रुपये की पेमेंट वह दे चुके है। बाकी की पेमेंट रहती थी, उसी बकाया पेमेंट को लेकर हंगामा शुरू हुआ।
आठ माह के बच्चे का गर्भपात होने पर उठाया कदम
महिला की 2020 में शादी हुई थी, लेकिन उसके बाद से उन्हें बच्चा नहीं हो रहा था। महिला ने बच्चा गोद लेने का प्लान बनाया। महिला के अनुसार यह बच्चा उसी की बहन का है, लेकिन महिला सच बोल रही है या झूठ इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
मामले की सूचना मिलते ही वह एनसी मेडिकल कॉलेज इसराना पहुंचे और डॉक्टर से बच्ची का हालचाल जानने के बाद उसे सामान्य अस्पताल में शिफ्ट करने की बात कही है। वहीं पुलिस को भी दंपती के खिलाफ मुकदमा करने और गहनता से पूछताछ करने बारे कहा है। बच्ची के असल माता-पिता को भी तलाशा जा रहा है।
-डॉ. मुकेश आर्य , सीडब्ल्यूसी सदस्य