हरियाणा के पानीपत के एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने शनिवार को बापौली तहसील के पटवारी सुरेंद्र को 85 हजार की रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इसमें शामिल प्राइवेट मुंशी राहुल मौके से रिश्वत की राशि लेकर फरार हो गया है। मौके से ही एसीबी की टीम ने कानूनगो नरेश को पकड़ लिया था, लेकिन बाद में उनकी प्रकरण में संलिप्तता न पाए जाने पर छोड़ दिया। अब एसीबी प्राइवेट मुंशी को तलाश रही है।
आरोपी पटवारी ने कुंडला पत्थरगढ़ के एक जमींदार से उसकी खरीदी गई जमीन उसके बच्चों के नाम मलकियत करने के नाम पर 85 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। ये रिश्वत देने के लिए पटवारी पिछले दो साल से जमींदार को परेशान कर रहा था। आरोपी जमींदार से 25 हजार रुपये पहले भी ले चुका है।
इसके बाद फिर से पटवारी ने एक लाख की डिमांड की। बाद में 85 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। इससे परेशान होकर जमींदार ने इनकी शिकायत करनाल एसीबी को दे दी। एसीबी टीम ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए पटवारी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया जबकि मौके से प्राइवेट मुंशी राहुल एसीबी टीम को चकमा दे रिश्वत की राशि समेत फरार हो गया।
इसी दौरान टीम ने मौके पर मौजूद कानूनगो को भी पकड़ लिया। मौके पर शिकायकर्ता ने पहुंचकर बयान दिए कि इसमें कानूनगो की कोई गलती नहीं है और न ही उन्होंने कभी उससे पैसे मांगे। इस पर एसीबी टीम ने कानूनगो को छोड़ दिया।
शिकायकर्ता कुंडला पत्थरगढ़ निवासी जमींदार यूसूफ ने बताया कि उसने दो साल पहले 2022 में गांव में ही शामलात की 20 कनाल पांच मरले जमीन गांव के ही हारूण से खरीदी थी। चूंकि ये जमीन यमुना से बाहर शामलात की है इसलिए इसकी रजिस्ट्री नहीं हो सकती। इस जमीन का रिकॉर्ड तहसील में अपडेट करवाना पड़ता है।
वह इस जमीन को अपने दो बेटों जावेद और सावेज के नाम कराना चाहता था। इसके लिए वह पटवारी और कानूनगो से मिला। उन्होंने जमींदार से शुरुआत में 25 हजार की डिमांड की। पैसे नहीं दिए तो तहसील के चक्कर कटवाने लगे।
जमींदार ने परेशान होकर 25 हजार रुपये दे दिए। बाद में डिमांड बढ़कर एक लाख की तक पहुंच गई। बाद में 85 हजार में सौदा तय हो गया। इससे परेशान होकर यूसूफ ने इसकी शिकायत करनाल एसीबी को दी। एसीबी टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों को रंगे हाथों दबोच लिया है।
ऐसी हुई कार्रवाई, प्राइवेट मुंशी फरार
एसीबी टीम योजनाबद्ध तरीके से यूसूफ को पाउडर लगे 85 हजार रुपये देकर मंडी में पहुंची। काफी देर तक पटवारी, यूसूफ को घुमाते रहा। इसके बाद आरोपी ने अपने प्राइवेट मुंशी राहुल को यूसूफ के पास पैसे लेने भेजा। राहुल ने यूसूफ से पैसे लेकर पटवारी को उनके दफ्तर में थमा दिए। यहीं पर कानूनगो भी बैठा था। इसी बीच एसीबी की टीम ने मौके पर रेड कर दोनों को दबोच लिया। इसी धरपकड़ के बीच प्राइवेट मुंशी राहुल 85 हजार की रिश्वत राशि को लेकर बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गया। एसीबी टीम पटवारी और कानूनगो को पकड़कर अपने कार्यालय लेकर पहुंची। यहां शिकायकर्ता द्वारा कानूनगो की गलती या पैसे की डिमांड न करने की बात पर एसीबी ने कानूनगो को छोड़ दिया है।