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दुराचार के आरोपी को न्यायिक हिरासत भेजा

Sat, 31 Dec 2016 11:45 PM IST
amar ujala beuro panipat
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सीआईए-वन का कर्मी बताकर एक महिला के साथ दुराचार करने के मामले में सीआईए भी शक के दायरे में आ गई है। सीआईए पर बड़ा सवाल है कि चोरी व नशा बेचने का आरोपी पुलिस मुखबिर कैसे बन सकता है। वहीं महिला थाना पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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विदित है कि महिला थाना पुलिस ने शुक्रवार को खुद को सीआईए कर्मी बताकर एक महिला के साथ दुराचार करने के आरोप में गांव सिवाह निवासी सुमित को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने शनिवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मामले के अनुसार सीआईए ने एक युवक को  किसी मामले को लेकर हिरासत में लिया था। उक्त युवक ने एक पर्ची पर अपने घर का फोन नंबर लिखकर बाहर फेंक दिया था। वह अपनी बात को अपनी मां तक पहुंचाना चाहता था। यह पर्ची आरोपी युवक सुमित निवासी सिवाह के हाथ लग गई। आरोपी पर्ची पर लिखे नंबर पर फोन किया और उसने महिला को खुद को सीआईए का अधिकारी बताते हुए उसके बेटे की जेल में होने की बात बताई।


उसने महिला से उसके घर का पता पूछा और सोमवार की रात उसके घर जा पहुंचा। जहां उसने महिला को उसके बेटे को छुड़ाने का भरोसा दिया। आरोपी ने महिला के घर पर शराब पी और शराब के नशे में धुत होकर रातभर उसकी इज्जत के साथ खेलता रहा। आरोप है कि युवक ने महिला की नाबालिग बेटी के साथ भी दुराचार का प्रयास किया। उसकी मां ने उसको बचा लिया। महिला पूरे मामले को लेकर एसपी राहुल शर्मा से मिली और सारी घटना बताई और आरोपी युवक का फोन नंबर भी दिया। एसपी ने महिला को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी सीआईए कर्मी नहीं बल्कि नकली पुलिस वाला है। डीएसपी विद्यावती के अनुसार आरोपी पर चोरी समेत अन्य मामलों में आठ मुकदमें पहले से ही दर्ज हैं। अब सवाल यह उठता है कि चोरी व नशे के बेचने का आरोपी  पुलिस का मुखबिर कैसे बन सकता है। इन सबके चलते सीआईए-वन को भी शक के दायरे में ले रही है।
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