एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने बताया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार युवाओं को स्नातक में चार विषयों और चार कोर्स में पढ़ाई करनी होगी। युवा अपने संकाय में तीन मुख्य विषयों के अलावा एक मध्यम विषय ले सकेंगे। जैसे कोई कला संकाय में दाखिला लेता है तो वह हिंदी, अंग्रेजी और राजनीति शास्त्र के अलावा दूसरा हल्का विषय ले सकेगा। यानी विषयों के लिए उसका बोझ कम होगा। कौशल विकास, एबिलिटी इन्हांसमेंट, वेल्यू एडिड कोर्स और मल्टी डिसीप्लीनरी कोर्स लेना होगा। मल्टी डिसीप्लीनरी कोर्स में 12वीं में पढ़े पांच विषयों से हटकर विषय को लेना होगा। माना किसी ने कॉमर्स से 12वीं पास की है तो वह स्नातक में इतिहास या राजनीति शास्त्र ले सकेगा।
एनईपी में विद्यार्थियों से पढ़ाई का बोझ कम करने का प्रयास किया गया है। विषयों व कोर्स की पढ़ाई के सप्ताह में समय निर्धारित किया गया है। मुख्य तीन विषयों के चार घंटे, कौशल विकास व मल्टी डिसीप्लीनरी कोर्स के तीन-तीन, मध्यम विषय, एबिलिटी इन्हांसमेंट और वेल्यू एडिड कोर्स के दो-दो घंटे तय किए हैं।
एनईपी में विद्यार्थियों को एक वर्ष बाद पढ़ाई छोड़ने का अधिकार होगा। उसको उस साल की पढ़ाई का सर्टिफिकेट मिलेगा। वह बाद में कॉलेज की फिर से पढ़ाई भी शुरू कर सकेगा। विद्यार्थी को एक साल की पढ़ाई के बाद 44 क्रेडिड स्कोर के साथ अंडर ग्रेजुएट सर्टिफिकेट मिलेगा। दो वर्ष की पढ़ाई पर 88 ग्रेड के साथ अंडर ग्रेजुएट डिप्लोमा, तीन वर्ष की पढ़ाई पर 132 क्रेडिड के साथ स्नातक डिग्री और चार वर्ष की पढ़ाई पर 176 क्रेडिड के साथ यूजी डिग्री ऑनर्स एंड रिसर्च दी जाएगी।