हरिसिंह चौक से भैंसवाल की ओर फैक्टि्रयों में जा रहे कामगार धमीजा कॉलोनी के पास भारी पुलिसबल देख ठिठक गए। कामगारों ने कॉलोनीवासियों से पूछताछ की तो रात में हुई घटना का पता चला। समुदाय विशेष के लोग उन्हें मदद की आस से भरी निगाहों से निहारते दिखे। हालांकि पुलिसकर्मियों ने कामगारों की भीड़ जुटती देख उन्हें वहां से तीतर-बीतर कर दिया।
नूंह में हुई हिंसा में अभिषेक की मौत की खबर मिलने के बाद से ही नूरवाला क्षेत्र को प्रशासन हॉट-स्पॉट मान रहा है। एक जुलाई से ही यहां पुलिसकर्मी रोजाना गश्त कर रहे है। प्रशासन की मौजूदगी के बावजूद भी समुदाय विशेष के लगभग 30 परिवार कॉलोनी में रुके हुए हैं। बृहस्पतिवार रात हुई हिंसा के बाद से ये 30 परिवार भी खौफजदा है।
वार्ड दो पार्षद पवन गाेगलिया शुक्रवार सुबह मौके पर पहुंचे। उन्होंने कॉलोनीवासियों से चर्चा की और रात में हुई घटना को गलत बताया। समुदाय विशेष के लोगों ने इस बारे बातचीत करने से ही इंकार कर दिया। नूंह हिंसा में जान गंवाने वाले युवक अभिषेक के पिता सतपाल ने भी शरारती तत्वों से कॉलोनी में शांति बनाए रखने की अपील की। इस मौके पर सतपाल, राजेश फौजी, सुरेश महला, इंद्रपाल, महाबीर उपस्थित रहे।