हरियाणा के पानीपत में आधार कार्ड पर उम्र बढ़ाकर लिखवाई और किशोरी को बालिग बताकर माता-पिता ने महज 15 वर्ष की उम्र में विवाह कर दिया था। हिसार स्थित किशोरी के स्कूल के दस्तावेजों की जांच की गई तो शादी के वक्त वह नाबालिग मिली। आधार कार्ड में चार वर्ष बढ़ाकर उम्र 19 वर्ष दिखाई गई थी। बाल विवाह निषेध अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने किशोरी के माता-पिता और ससुराल वालों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आठ मई 2021 को इसराना के गांव नौल्था में बाल विवाह की सूचना पर टीम पहुंची थी। वहां पाया गया कि सात मई 2021 को पानीपत निवासी की शादी इसराना के गांव नौल्था में की गई थी। टीम को उसकी मां ने बताया कि लड़की हिसार के चौधरीवास निवासी पहले पति की बेटी है।
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दूसरी शादी के बाद से वह पानीपत में रह रही थी। दोनों पक्षों से लड़के और लड़की का उम्र प्रमाणपत्र मांगा गया। लड़की की मां ने उसका आधार कार्ड प्रस्तुत किया, जिसमें उसकी उम्र 16 जनवरी 2002 अंकित है, लेकिन आधार कार्ड उम्र का प्रमाणपत्र नहीं माना जाता। इसके बाद हिसार के गांव चौधरीवास स्थित स्कूल से संपर्क कर लड़की की उम्र का पता किया किया गया।
वहां से दी गई जानकारी में उसकी उम्र दो जुलाई 2006 मिली यानि शादी के वक्त वह महज 15 वर्ष की थी। लड़के ने भी आधार कार्ड पेश किया, जिसमें उम्र 15 जुलाई 1985 अंकित है। उम्र प्रमाणपत्र में भी वह लड़की से बड़ा निकला। ऐसे में यह सिद्ध हो गया कि ज्योति अभी भी नाबालिग और उसका बाल विवाह कराया गया था। ऐसे में पुलिस ने बाल विवाह निषेध अधिनियम- 2006 की धारा-9, 10 एवं 11 कार्रवाई करते हुए दोषियों पर केस दर्ज किया।