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Panipat: जिला परिषद के चेयरपर्सन चुनाव से पहले दिल्ली में फॉयरिंग, दो दिन पहले जयपुर में भी घेराबंदी

Wed, 28 Dec 2022 12:43 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)

सार

नवनिर्वाचित चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और पूर्व विधायक रविंद्र मच्छरौली ने मामले का खुलासा किया है। वह बोले कि दोनों प्रकरणों की सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन को शिकायत दी है, कार्रवाई करवाएंगे। 
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घटना की जानकारी देते हुए समालखा से पूर्व विधायक रविंद्र मच्छरौली। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के पानीपत में जिला परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा पूर्व विधायक रविंद्र मच्छरौली ने दूसरे पक्ष पर सदस्यों को डराने धमकाने और फायरिंग करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पहले जयपुर में उनके समर्थक सदस्यों की घेरेबंदी की गई और फिर चुनाव से पहले मंगलवार की सुबह दिल्ली में अंधाधुंध फायरिंग की गई। उन्होंने कहा कि दोनों की मामलों में स्थानीय प्रशासन और सरकार को शिकायत दी गई है। 

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पूर्व विधायक समेत नवनिर्वाचित सदस्यों ने बताया कि दो दिन पहले जब वे जयपुर में रुके थे तो कुछ लोगों ने वहां उनको घेरने का प्रयास किया, लेकिन वहां से बचकर वे दिल्ली आ गए थे। जब आरोपियों को उनकी सूचना मिली तो वे वहां भी पहुंच गए।

वे सभी नौ सदस्यों के साथ दिल्ली के अलीपुर एरिया के लवन्या नामक होटल में रुके हुए थे, जहां मंगलवार सुबह करीब चार बजे गाड़ियों से पहुंचे लोगों ने अंधाधुंध हवाई फायरिंग करनी शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि यह प्रकरण सीसीटीवी में कैद हो चुका है और इसकी शिकायत पुलिस को देकर मामला दर्ज करवाया जा चुका है।
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साथ ही भाजपा पदाधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया गया है। इस पर अब वे कार्रवाई करवाएंगे। रविंद्र मच्छरौली ने कहा कि हवाई फायरिंग करने वाले कुछ लोगों के चेहरे जाने-पहचाने हैं। उन्होंने कहा कि सदस्यों को डराने धमकाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे डिगे नहीं और सुबह दिल्ली से चलकर पानीपत आकर मतदान किया तथा जीत दर्ज की। 

कई दिनों से सख्त थी सदस्यों की बाड़ेबंदी!
17 सदस्यों वाली जिला परिषद में बहुमत के लिए नौ सदस्यों का समर्थन चाहिए था। भाजपा का दावा है कि चेयरमैन बनी ज्योति शर्मा पक्ष के पास पहले से ही नौ सदस्य मौजूद थे। सभी को लेकर 24 दिसंबर को चुनाव में शामिल कराया गया, लेकिन कोरम 12 का चाहिए था। शेष सदस्य नहीं पहुंचे तो चुनाव को स्थगित कर दिया गया। मौके पर हंगामा हुआ तो सभी नौ सदस्यों को लेकर पूर्व विधायक रविंद्र मच्छरौली निकल गए। तभी से सभी सदस्यों को एकजुट रखने के लिए बाड़ेबंदी सख्त कर दी गई थी। तब के बाद सभी नौ सदस्य बाड़ेबंदी में मंगलवार को सीधे चुनाव में भाग लेने पहुंचे। चुनाव संपन्न होने के बाद अब नवनिर्वाचित सदस्यों ने फायरिंग होने और घेराव करने की बात कही है।

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