चुनावी रंजिश के चलते हुए झगड़े में एक प्रत्याक्षी के 8 घायल सर्मथकों को ही किया हवालात में बंद,
रोषित परिजनों ने लोगों के साथ किला थाना का घेराव कर किया प्रदर्शन
पानीपत। नूरवाला स्थित जावा कॉलोनी में चुनावी दिनों में एक प्रत्याशी व दूसरे प्रत्याशी के समर्थकों के बीच रंजिश ने खूनी रूप ले लिया। चुनाव नतीजों के 6 दिनों बाद पार्षद प्रत्याशी ने 10 बदमाशों के साथ मिलकर दूसरे प्रत्याशी के समर्थकों पर गंडासियों, डंडो व अन्य हथियारों से हमला कर घायल कर दिया। इसके बाद पुलिस ने घायलों के खिलाफ ही केस दर्ज कर लॉकअप में बंद कर दिया। जिसके बाद रोषित परिजनों ने स्थानीय निवासियों के साथ मंगलवार सायं के समय किले थाने का घेराव किया। लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की व पुलिस के खिलाफ रोष प्रकट किया। करीब 2 घंटे तक प्रदर्शन के बाद थाना प्रभारी परिजनों को डीएसपी सतीश गौतम के पास ले गए जहां डीएसपी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
ये था मामला :
रंजिश 14 दिसंबर से शुरू हुई थी। वार्ड 5 जावा कॉलोनी स्थित पार्षद पद आजाद उम्मीदवार ईसम पांचाल की दूसरे पार्षद पद उम्मीदवार के समर्थकों के बीच आपसी कहासुनी हुई। दरअसल समर्थक इसम पंचाल की दुकान में किरायेदार हैं। जिसके चलते पंचाल ने उनका दूसरे पार्षद पद के उम्मीदवार का समर्थन करने का विरोध किया। साथ ही झगड़ा किया। इसी कड़ी में जानकारी देते हुए महिला बृजेश ने बताया कि 14 दिसंबर को उनका लड़का आशीष पुत्र पप्पू व आशीष का फुफेरा भाई सचिन पुत्र नरेंद्र दूसरे पार्षद के समर्थन में उसके साथ कोर्ट में नामांकन भरवाने गए। जिसके चलते पंचाल ने उसी रात उनके साथ गाली-गलौज व धक्का-मुक्की की। 15 दिसंबर की रात को पांचाल ने आशीष व सचिन को मारने की धमकी भी दी थी। चुनावी नतीजे आने के बाद 6 दिन बाद ईसम पंचाल ने किरायेदार समर्थक आशीष व सचिन को उसके 10 बदमाशों के साथ मिलकर गंडासियों से व डंडों से मारपीट की। इस बीच पंचाल के बदमाशों ने 65 हजार नकदी सहित एक मोबाइल भी लूट लिया। इस झगड़े में टिंकू, आशीष, अमन, पप्पू, बुद्धू, पंकज, सचिन व मोहित गंभीर रूप से घायल हुए। जिसमें आशीष के सिर में चोट लगने से 5 टांके आए, तो वहीं टिंकू की नाक की हड्डी टूट गई। घायलों का इलाज सामान्य अस्पताल में हुआ। इसके बाद घायल के परिजनों ने किला थाना पुलिस को लिखित तौर पर शिकायत दी लेकिन पुलिस ने घायलों के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर हवालात में डाल दिया। जिस कारण रोषित लोगों ने किला थाना का घेराव किया व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
वर्जन
घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज निकलवाई जाएगी। फिलहाल एक पक्ष के बयान पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जिन को लॉकअप में डाला है वह पक्ष झगड़ालू किस्म का है। कोई बड़ा हादसा ना हो इसलिए उनको लॉकअप में डाला गया है। मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
- वीरेंद्र, थाना किला प्रभारी, पानीपत।