दुकानदारों ने स्कूल बैग विक्रेता को एक साल तक पेमेंट नहीं दी तो विक्रेता ने फंदा लगाकर जान दी
-किला थाना पुलिस ने मामले में 8 दुकानदार पर आत्महत्या करने के लिए मजबूर का केस दर्ज किया
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
मोहाली गांव में स्कूल बैग विक्रेता ने दुकानदारों द्वारा पेमेंट न देने से परेशान होकर अपने घर में पंखे पर चुन्नी से फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। बैग विक्रेता को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप, सफीदो, जींद, फतेहबाद व सिरसा के 8 दुकानदारों पर है। किला थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने मामले में 8 नामजद दुकानदारों के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।
मोहाली गांव में बैग विक्रेता 48 वर्षीय राजपाल शर्मा पुत्र लक्ष्मी नारायण ने मंगलवार शाम को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। राजपाल तीन बच्चों का पिता था। उसके बडे़ बेटे अमित ने बताया कि वो मूल रूप से जींद के रामगढ़ के रहने वाले हैं। उसके पिता घर पर ही बैग बनाकर दुकानों पर सप्लाई करते थे। इसी से उनका परिवार चल रहा था। पिछले एक साल से सफीदो की कैलाश बुक, सुशील ट्रांसपोर्ट स्टूडेंट बुक डिपो, जींद, दो भाई बैग स्टोर, सिरसा महावीर फतियाबाद, काला, भूना, सुरेश शशिवास, सम्मी जनरल स्टोर, रमेश मटटोर व प्रवीन शशिवास ने उसके पिता राजपाल को एक साल से पेमेंट नहीं दी थी। उन पर उधार के 30 लाख रुपये हो गए। इसी कारण उनको आर्थिक परेशानियों के चलते जींद में अपना मकान बेचना पड़ा। उन्होंने दो साल पहले पानीपत के मोहाली गांव में मकान लिया था। वह अपनी पेमेंट के लिए कई बार दुकानों के चक्कर काट चुके थे। मगर उन्होंने पैसे नहीं दिए। इसी से परेशान होकर उसके पिता ने मंगलवार को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने पुलिस से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।