पानीपत। बाबरपुर के पास हाईवे पर अचानक से एक ट्रक ड्राइवर ने ब्रेक लगा दिए। जिससे उसके पीछे आ रहे कार सवार सूबेदार की कार उसमें घुस गई। सूबेदार के साथ कार में सवार उसकी बहन को मामूली चोटें आई हैं। हादसे के तुरंत बाद ट्रक चालक मौके पर ट्रक छोड़कर फरार हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही थाना सदर पुलिस मौके पर पहुंची। जहां से दोनों को सामान्य अस्पताल ले कर गए। साथ ही ट्रक को भी कब्जे में ले लिया। घायल महिला को प्राथमिक उपचार देने के बाद डॉक्टरों ने उसके छुट्टी दे दी। जबकि मृतक को शवगृह में रखवा दिया। सोमवार को परिजनों के बयान पर पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस आरोपी ट्रक चालक की धरपकड़ में जुट गई।
गांव सुंदरपुर रोहतक निवासी महिला सुदेश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह दो भाई व दो बहनें हैं। उसका भाई सतबीर निवासी खरहैटी जिला रोहतक फौज में बतौर सूबेदार कार्यरत है। जिसकी पोस्टिंग इन दिनों जम्मू-कश्मीर में थी। करीब दो दिन पहले वह अपने भाई सतबीर के पास जम्मू-कश्मीर गई हुई थी। इसी दौरान उसके भाई सतबीर ने घर पर आने के लिए छुट्टी ले ली। जिस पर वह दोनों भाई-बहन रविवार को उनकी वैगनार में बैठकर घर के लिए चले थे। गाड़ी उसका भाई सतबीर चला रहा था, जबकि वह गाड़ी में पीछे बैठी थी। मध्य रात्रि करीब दो बजे जब वे जीटी रोड पर गांव बाबरपुर मंडी पानीपत पुल के पास पहुंचे, इसी दौरान उनकी गाड़ी के सामने चल रहे यूपी नंबर के ट्रक ने अचानक ब्रेक लगा दी। जिसके चलते उनकी वैगनार ट्रक के नीचे जा घुसी और बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। वे भी गाड़ी के बीच में ही फंस गए। आने जाने वाले राहगीर घटना को देखकर मौके पर दौड़े तथा उसे व उसके भाई सतबीर को गाड़ी से बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला। हादसे में मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
काश! मेरे झगड़े की जानकारी उसे न दी होती, तो ये बड़ा हादसा न होता : सामान्य अस्पताल में रोते-बिलखते मृतक के भाई भूपेंद्र ने बताया कि वो रोहतक रोडवेज डिपो की बस में कंडक्टर है। इसके अलावा वो खेतीबाड़ी भी करता है। रविवार को भूपेंद्र खेत में था। जब वो खेत में था, तो वहां खेत में पानी छोड़ने की बात पर उसका पड़ोसी किसान पिता-पुत्र सुरेश व सचिन ने झगड़ा हो गया था। झगड़े के दौरान सुरेश ने भूपेंद्र के पैर पर कस्सी मार दी। जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गया। इस हादसे की सूचना परिजनों ने सूबेदार को दी। सूचना मिलते ही सूबेदार ने 10 दिन की छुट्टी ली और घर के लिए रवाना हो गया। पानीपत पहुंचने पर उसकी सड़क हादसे में मौत हो गई। जिस पर भूपेंद्र बार-बार रोते हुए सिर्फ ये ही कह रहा था कि काश, मेरे झगड़े की जानकारी भाई को दी ही न होती, तो ये बड़ा हादसा न होता। सूबेदार 2 साल के एकलौते बेटे प्रिंस का पिता था। पत्नी प्रीति का रो-रो कर बुरा हाल है।