पानीपत। आज पार्क नहीं जाना, मैं क्रिकेट खेलने जा रहा हूं। इसलिए सोया रहियो और उठियो मत, है न, अपने साथ रोजाना पार्क जाने वाले दोस्तों को मैसेज कर राहुल पार्क पहुंच गया। जहां उसने कुछ देर तक मॉर्निंग वॉक की। इसी पार्क में पहुंची एक युवती को देख वह तैश में आ गया। जब युवती मॉर्निंग वॉक कर अपनी दो सहेलियों के साथ एक्टिवा से वापस लौटने लगी, तो राहुल ने उनका रास्ता रोक लिया। तुमने अच्छा नहीं किया, ये बोलते हुए राहुल ने हाथ में लिए हुए स्कैलपल (सर्जीकल ब्लेड) से युवती के गले पर हमला किया और इसके बाद वो मौके से भागने लगा। राहुल को पकड़ने के लिए स्थानीय लोग भागे, लेकिन कुछ दूर जाकर उसने स्कैलपल से खुद का गला रेता और जमीन पर लेट गया। एक पैर पर दूसरा पैर चढ़ाया और दोनों हाथों को सिर के पीछे रखा और मौत के आगोश में समा गया। जबकि युवती सामान्य अस्पताल में उपचाराधीन है, उसकी गर्दन पर टांके आए हैं।
पुलिस में शिकायत देने से आहत था राहुल : युवती ने बताया कि जगजीवन राम कॉलोनी निवासी राहुल से उसका प्रेम संबंध था। परिवार वालों के कहने पर उसने राहुल से बातचीत करनी बंद कर दी थी। राहुल युवती से शादी करने की जिद्द पर अड़ा हुआ था, लेकिन युवती ने उसे मना कर दिया था। जिसके चलते राहुल ने युवती को थप्पड़ भी जड़ दिया था। युवती व युवती के परिजनों ने इसकी शिकायत महिला थाना पुलिस को 25 मई को दी। जहां दोनों पक्षों का समझौता भी हो गया था। युवती का शादी के लिए मना करना व महिला थाने में शिकायत देने से वो काफी आहत था। युवती का कहना है कि राहुल इसी बात का बदला लेना चाहता था।
घायल युवती को ई-रिक्शा में व मृतक का शव ऑटो से लाया गया अस्पताल : वारदात के दौरान घायल युवती के साथ उसकी दो सहेलियां भी थी। वारदात में घायल हुई युवती को उसकी एक सहेली व राहगीर ई-रिक्शा से बिशन स्वरूप कॉलोनी स्थित निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां से परिजन उसे सामान्य अस्पताल ले आए। वहीं वारदात के करीब 25 सेकेंड बाद तक युवक जिंदा रहा। इसके बाद उसने दम तोड़ दिया। स्थानीय निवासी व राहगीरों ने बताया कि उसकी गर्दन में गहरा घाव था, उसकी गर्दन को कपड़े से बांधा व एक ऑटो रिक्शा से उसे सामान्य अस्पताल पहुंचे।
बिलखते पिता बोले- पापा मैं जा रहा हूं, कह कर निकला था राहुल : राहुल के पिता राजकुमार ने बताया कि राहुल करीब 4 माह से पार्क में मार्निंग वॉक पर जा रहा था। हमेशा की तरह बुधवार को भी मां सीमा के हाथ से गर्म किया हुआ दूध पिया व मुझे बोला कि पापा मैं जा रहा हूं, कहकर वो निकल गया। रोजाना वो घर पर करीब साढ़े 7 बजे तक आ जाता था। बुधवार को वो 8 बजे तक भी नहीं आया, तो उसे फोन किया। जिस पर एक अंजान व्यक्ति ने फोन उठाया। जिसने कहा कि वो ऑटो वाला बोल रहा है और तुम्हारे बेटे की गर्दन कट गई है। जिसे सरकारी अस्पताल ले कर जा रहे हैं। ये बात सुनते ही पिता सामान्य अस्पताल पहुंचे और राहुल को लहूलुहान अवस्था में देख बोले, कि मुझे क्या पता था मेरा बेटा कभी नहीं लौटेगा। राहुल का सबसे बड़ा भाई गौरव की हाल ही में रेलवे टेक्नीशियन में जॉब के लिए चयनित हुआ है, जोकि उसके मेडिकल के लिए दिल्ली गया हुआ था। वारदात का पता लगने पर वो तुरंत पानीपत पहुंचा। राहुल का दूसरा बड़ा भाई सौरव आईटीआई कर गुरुग्राम की एक कंपनी में जॉब करता है। राहुल ने पानीपत के एक कॉलेज से बीबीए की व वर्तमान में वो अकाउंटेंट था। साथ ही वो सीए की भी तैयारी कर रहा था। दोनों पक्षों ने लगाए एक दूसरे पर आरोप : घायल युवती व उसके परिजनों ने युवक पर आरोप लगाए कि वो युवती के शादी की बात से इंकार करने व उसकी पुलिस में शिकायत देने से रंजिश रखता था। इसी बात के चलते उसने युवती पर जानलेवा हमला किया व भागने लगा। उसको पकड़ने के लिए काफी लोग पीछे दौड़े, तो उसने खुद को फंसा देख अपनी भी गर्दन रेत ली और आत्महत्या कर ली। वहीं युवक के परिजनों ने थाना चांदनीबाग में जा कर लिखित में युवती सहित उसके दो भाई, भाईयों के दोस्त सहित युवती की दो सहेलियों में उक्त मामले में साजिश रच उसकी हत्या करने के आरोप जड़े हैं। पुलिस दोनों की शिकायत पर जांच कर रही है।
चौकी से 250 व थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर हुई वारदात : सेक्टर 12 स्थित ग्रीन पार्क के बाहर ये वारदात सेक्टर 11-12 चौकी से 250 मीटर व चांदनीबाग थाना से महज 100 मीटर की दूरी पर हुई। हालांकि वारदात हो जाने के तुरंत बाद सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर जरूर पहुंच गई, लेकिन पुलिस को युवक की मौत में हत्या और आत्महत्या का पहलु हाथ नहीं लगा। क्षेत्र में आस-पास कोई सीसीटीवी कैमरा न होने की वजह व मौके पर युवती की सहेलियों के अलावा कोई अन्य प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिला है, जिससे पूरी वारदात का खुलासा हो सके। फिलहाल दोनों पक्षों के बयान पर पुलिस कार्रवाई में जुट गई।
चार बड़े सवाल -
- युवक किस इरादे से अपने साथ स्कैलपल (सर्जिकल ब्लेड) लेकर गया था? क्या उसका इरादा सही में ही वारदात को अंजाम देने का था?
- युवक ने बुधवार को ही अपने दोस्तों को मैसेज कर पार्क न जाने की बात कही, और फिर पार्क चला गया।
- युवक करीब 5 माह से इसी पार्क में मॉर्निंग वॉक पर आ रहा था, जबकि युवती ने करीब 5 दिन से ही आना शुरू किया।
- वारदात के समय में सुबह पार्क आने-जाने वाले लोगों में से किसी ने भी वारदात को नहीं देखा, सिर्फ युवती की सहेलियां ही प्रत्यक्षदर्शी रही।