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गरीब रथ ट्रेन हादसे की जांच में मोबाइल नंबर बने रोड़ा, जीआरपी ने किए हाथ खड़े

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अमर उजाला ब्यूरो
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पानीपत। गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन की जांच में मोबाइल नंबर रोड़ा बन गए हैं। जीआरपी ने घटनास्थल के चारों ओर से पांच किलोमीटर तक के एरिया में एक्टिव नंबरों को डंप करवाया था। जीआरपी ने रात 11 बजे से सुबह चार बजे तक नंबर डंप करवाए। इसमें जीआरपी अधिकारियों को इस समय के बीच करीब दो हजार नंबर मिले। अधिक नंबर होने और जांच में बांधा बनने के कारण टीम ने कुछ एरिया कम करवाकर दोबारा नंबर डंप करवाए। इस बार 1500 नंबरों की लिस्ट सामने आई। इसके बाद जीआरपी ने जांच से हाथ खड़े कर दिए। जीआरपी ने इन 1500 नंबरों में से एक भी नंबर के मालिक से पूछताछ तक नहीं की। एक माह बाद भी इस मामले में जीआरपी खाली हाथ है। जीआरपी अधिकारियों ने अपना बचाव करते हुए घटना को साजिश न मानते हुए किस शराबी की शरारत बताकर जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
दस मई बुधवार को 12983 गरीब रथ एक्सप्रेस गाड़ी अजमेर से चंडीगढ़ जा रही थी। ट्रेन के आने से पहले ही कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने लाइन के साइड में रखी हुई एक खराब पटरी को क्रास में रोहतक-पानीपत लाइन पर रख दिया। तड़के करीब 3:45 बजे ट्रेन जैसे ही गुजरी तो ट्रेन पटरी के उपर चढ़ गई। गाड़ी रुकने के बाद यात्रियों की मदद से ड्राइवर ने पटरी के टुकड़ों को हटाया और ट्रेन को आगे बढ़ाया। ट्रेन के सकुशल रुकने से करीब 1200 यात्रियों की जान में जान आई थी। ड्राइवर ने फोन कर पानीपत स्टेशन पर हादसे की सूचना दी थी।
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दिल्ली रेलवे के आईजी और सिक्योरिटी कमिश्नर ने किया था घटनास्थल दौरा
गरीब रथ ट्रेन के साथ हुए हादसे में सूचना मिलते ही आईजी रेलवे, सीनियर डीएससी सहित कई आला अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने जांच की रिपोर्ट मुख्यालय भेजने की बात कही थी। इसके बाद जीआरपी ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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ट्रेन मामले में 2000 नंबर सामने आए थे। इसके बाद कुछ गांवों में सरपंच की मौजूदगी में बैठकें की र्गइं, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। गरीब रथ ट्रेन वाली घटना कोई साजिश नहीं थी, बल्कि किसी शराबी की शरारत थी। अभी जांच चल रही है।
बृजपाल सिंह राणा, थाना प्रभारी, जीआरपी पानीपत।
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