गोशाला मंडी गली नंबर 1 स्थित मकान नंबर 3 में किराये पर कमरा लेने के बहाने से तीन बदमाश घर में घुस गए। घर की पहली मंजिल पर तीनों को देख कर रसोई में काम कर रही मालकिन ने उसने पूछा कि कौन हो तुम, क्या काम है। इस पर बदमाशों ने कहा कि वे किराये के लिए कमरा देखने आए हैं। बातचीत के दौरान एक बदमाश ने महिला की गर्दन पर चाकू लगा दिया और दूसरे बदमाश ने उसकी 5 तोले सोने की चेन तोड़ ली। बदमाशों ने चाकू की नोंक पर महिला से घर की नकदी देने के लिए कहा। इसका विरोध करने पर बदमाशों ने महिला की गर्दन पर चाकू से वार कर दिया। बदमाश दूसरा वार करने लगे, तो महिला ने उनके हाथ से चाकू खींच लिया। इसके बाद तीनों बदमाश घर से भाग निकले। वहीं खून से लथपथ हालत में महिला हाथ में चाकू लिए बदमाशों के पीछे दौड़ी। चोर-चोर की आवाज सुन कर दो अंजान लोग बदमाशों के पीछे भागे व एक बदमाश को 600 मीटर दूर पकड़ लिया और आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। घायल का इलाज बिशन स्वरूप कॉलोनी स्थित एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
तीन में से दो बदमाशों ने पानी भी पिया था, इसके बाद दिया वारदात को अंजाम :
राहुल(25) पुत्र राजेश मंगला ने बताया कि उसने एक मोबाइल सिम कार्ड कंपनी का कार्यालय खोला हुआ है। वीरवार को दोनों भाई रोजाना की तरह सुबह साढे़े 9 बजे घर से अपने काम की ओर चले गए थे। इसके बाद राहुल करीब साढ़े 10 बजे भी घर पर आया। जहां आने के कुछ देर बाद वो फिर से ऑफिस चला गया। दोपहर 12 बजे घर पर मां अकेली थी। इसी दौरान 3 युवक घर में घुसे। घर की पहली मंजिल पर उसकी मां रसोई में खाना बना रही थी। तीनों युवक, ऊपर पहुंचे। बातों ही बातों में तीनों ने मां का विश्वास जीत लिया। मां ने तीनों को पीने के लिए पानी दिया। इसके बाद एक बदमाश ने जेब में से चाकू निकालकर मां की गर्दन पर लगा दिया और दूसरे बदमाश ने मां के गले में पहनी हुई 5 तोले सोने की चेन तोड़ ली। घर में रखी नकदी की बदमाशों की मांग का मां ने विरोध किया, तो बदमाशों ने चाकू से महिला की कनपटी से नीचे से लेकर गर्दन तक वार कर दिया। मां चिल्लाने लगी, तो बदमाशों ने फिर से चाकू से वार करने की कोशिश की, लेकिन मां ने उनके हाथ से चाकू छीन लिया। तीनों बदमाश घर से भाग निकले।
खून से लथ-पथ हालत में महिला ने 50 मीटर दूर तक किया पीछा
बदमाशों के घर से निकलते ही, खून से लथ-पथ हालत में, बदमाशों के हाथ से खींचा चाकू लेकर महिला घर से बाहर 50 मीटर दूर तक दौड़ कर आई। चोर-चोर की आवाज सुनकर व महिला को इस हालत में देख कर स्थानीय दुकानदारों सहित राहगीर बदमाशों को पकड़ने के लिए उनके पीछे दौड़ पड़े। स्वास्तिक फैक्टरी रोड से फैक्टरी के गेट के बाहर से दो अंजान लोगों ने एक बदमाश को करीब 600 मीटर दूर तक पीछा कर पकड़ लिया और दो बदमाश फरार हो गए। एक बदमाश को पकड़ने वाले जयकिशन और दीपक को पुलिस प्रशासन की ओर से सम्मानित करने की घोषणा की।
वारदात स्थल से 100 मीटर दूर पुलिस चालान काटने में व्यस्त, 300 मीटर दूर अस्पताल ने किया इलाज करने से मना
महिला को इस हालात में देख कर सैकड़ों की संख्या में मौके पर भीड़ जुट गई। वहीं लोगों ने वारदात स्थल से 100 मीटर दूरी खड़ी पुलिस को वारदात के बारे में बताया, तो चालान काटने में व्यस्त पुलिस ने मौके पर जाना उचित नहीं समझा। वारदात के बाद लोग 100 नंबर पर लगातार फोन करते रहे, लेकिन 45 मिनट तक भी इस नंबर पर जवाब नहीं मिला। इसके बाद मौके पर पुलिस का एक सिपाही पहुंचा और फिर बाकी पुलिसकर्मी पहुंचे। वहीं घायल को जब वारदात स्थल से करीब 300 मीटर दूर स्थित हैदराबादी अस्पताल ले जाया गया। तो वहां घायल को पहले अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड, वहां से रूम नंबर 2, वहां से रूम नंबर 19 और फिर वहां से एमरजेंसी वार्ड में भेजा गया। इसके बाद अस्पताल के डॉक्टरों ने घायल का बिना इलाज किए, पुलिस केस का हवाला देते हुए सामान्य अस्पताल ले जाने को कहा। हालत बहुत ज्यादा नाजुक होते देख, परिजन महिला को बिशन स्वरूप कॉलोनी स्थित एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां वो उपचाराधीन है। मौके पर पहुंचे डीएसपी मुख्यालय सतीश वत्स ने पूरी जानकारी लेकर, उक्त पुलिसकर्मियों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही।
- वर्जन
बदमाश को पकड़ने वाले दोनों युवकों को उचित इनाम दिया जाएगा। हैदराबादी अस्पताल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मौके पर जो पुलिसकर्मी नहीं पहुंचे थे, उनकी जानकारी ली जा रही है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से कहना चाहूंगा कि, जब भी पुलिस कंट्रोल 100 नंबर पर कॉल करतें हैं, तो नंबर डायल करने के बाद 1 नंबर बटन दबाना चाहिए, तभी पुलिस से संपर्क हो पाएगा। वहीं वारदात दिनदहाड़े हुई है, इसे नकारा नहीं जा सकता है। पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है, आमजन के सहयोग से ही अपराध पर अंकुश लग पाएगा।
- सतीश वत्स, डीएसपी, मुख्यालय।
- वर्जन
हमने घायल महिला का इलाज किया था। उसे तुरंत फर्स्ट एड दिया गया, लेकिन केस गंभीर था और परिवार वालों के कहने पर महिला को बिशन स्वरूप कालोनी स्थित एक अस्पताल में अपनी एंबुलेंस से छोड़कर आए थे।
- ओम लखीना, कैशियर, हैदराबादी अस्पताल