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चंडीगढ़ के बैंक अधिकारियों की टीम ने 48 घंटे से डाला डेरा

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पानीपत। पंजाब एंड सिंद बैंक परिसर में लगी लोगों की भीड़। - फोटो : Panipat
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पंजाब एंड सिंध बैंक में रविवार रात लॉकरों को काटकर कई करोड़ के चोरी हुए आभूषण और कैश की घटना का पुलिस 36 घंटे बाद भी खुलासा तो अलग रहा नहीं कर पाई है। इस खुलासे के लिए पुलिस ने आठ टीमें बनाई हैं, एसपी खुद इसके खुलासे के लिए मॉनीटरिंग कर रहे हैं। बदमाशों का पता लगाने के लिए हरियाणा की पुलिस यूपी और उत्तराखंड की पुलिस के संपर्क में भी है। जल्दी से जल्दी इस घटना का खुलासा करने के लिए वहां पर इस तरह की वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों की कुंडली तलाशी जा रही है। बैंक के चंडीगढ़ और दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञों की टीम ने भी पानीपत में डेरा जमा लिया है। वह यहां स्टाफ से बैंक में खामियों के कारण हुई इस घटना के बारे में विस्तार से जानकारी कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बैंक अधिकारी इस घटना से भयभीत लॉकर धारकों को भी दिलासा दिलाने में पूरे दिन जुटे रहे। उनके प्रयास के बावजूद 17 परिवार लॉकरों से अपने अपने गहने ले गए।
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पुलिस की आठ टीमें बदमाशों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। आशंका इस बात की भी है कि बदमाश वारदात को अंजाम देकर यूपी की ओर फरार हुए हैं। पुलिस सनौली रोड व जीटी रोड पर लगे 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाल चुकी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस को बदमाशों के कुछ सुराग भी मिले हैं। जिनके बारे में जानकारी देने से इंकार कर दिया है।
बंदा बहादुर गुरुद्वारे की बिल्डिंग में बने पंजाब एंड सिंध बैंक के छह लॉकर तोड़कर 200 तोले सोना और एक करोड़ रुपये चोरी होने के दावे की सूचना के बाद से बैंक के राज्यस्तरीय अधिकारियों की चंडीगढ़ की टीम 48 घंटे से बैंक में डेरा डाले है। वहीं दिनभर बैंक अधिकारी मंगलवार को लॉकर मालिकों और खाताधारकों को समझाने में जुट रहे।
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18 ने कागजी कार्रवाई पूरी कर अपना सामान बैंक लॉकर से निकलवाया
इस दौरान 70 लॉकर मालिकों में से 18 ने कागजी कार्रवाई पूरी कर अपना सामान बैंक लॉकर से निकलवा लिया। हालांकि बाकी ने अपने बैंक लॉकर को चेक किया, लेकिन उससे सामान नहीं निकलवाया है। इस पूरी वारदात की जांच में आठ टीमों के 50 पुलिसकर्मी जुटे हैं। चोरी की वारदात के बाद बैंक अधिकारियों ने बैंक की सुरक्षा के लिए चोरी किए गए रास्ते को भरवा दिया है। वहीं जिस खिड़की से चोर क्लास में दाखिल हुए थे, उसे भी ठीक करवाया जा रहा है। बैंक अब अपनी शाखा के सभी सुरक्षा उपकरणों की जांच करने में जुटा है।
सभी छह लॉकर मालिकों से लॉकर में रखे समान की लिस्ट ली
चंडीगढ़ से आई अधिकारियों की टीम ने सभी छह लॉकर मालिकों से उसमें उसमे रखे सोने, नकद और कागजातों का ब्योरा ले लिया है। हालांकि लॉकर मालिकों के सामान की लिस्ट बैंक अधिकारियों ने गोपनीय बताकर सार्वजनिक करने से इंकार कर दिया।
बैंक की सुरक्षा में लगाए गए आठ लोग
अब बैंक की सुरक्षा में बैंक प्रबंधन की ओर से दो सुरक्षा कर्मी, दो सुरक्षा कर्मी गुरुद्वारा प्रबंधन जबकि चार पुलिस कर्मी चौकसी में लगाए गए हैं।
आज आएगी केंद्रीय एक्सपर्ट टीम-
पंजाब एंड सिंध बैंक के रीजनल कार्यालय चंडीगढ़ के अधिकारियों ने बताया कि वे चोरी की घटना की सूचना के तुरंत बाद पानीपत कार्यालय पहुंच चुके थे। तब से उन्होंने इस ब्रांच में ही अपना डेरा डाला हुआ है। वहीं बुधवार को बैंक की केंद्रीय टीम ब्रांच का दौरा करेगी। उन्होंने बताया कि लोगों ने अपने चोरी हुए सामान की सूची पुलिस व बैंक को दे दी है। इस चोरी को लेकर दिल्ली मुख्यालय की टीम के अधिकारी कई खुलासे भी कर सकते हैं।
एक्सपर्ट की टीम पता लाएगी लिस्ट के मुताबिक लॉकर में सामान था भी या नहीं
सूत्रों के मुताबिक कई लोगों ने अपने लॉकर से चोरी हुआ माल इतना ज्यादा बता दिया है कि उसके लिए लॉकर भी छोटा पड़ जाएगा। इनमें से एक ने अपने लॉकर में 250 सोने के सिक्के रखना बताया जबकि दूसरे ने अपने लॉकर में 30 लाख की नकदी के साथ सोना और डॉलर भी चोरी हुए बताए हैं। इसका खुलासा बैंक की केंद्रीय टीम और पुलिस माल बरामादगी के बाद ही तय कर पाएगी। बैंक अधिकारियों का मानना है कि लोग अपना ज्यादा माल बता रही है। इस लिए उन्होंने इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी है। जिस पर राजधानी दिल्ली से बैंक अधिकारी एक विशेष टीम का गठन कर पानीपत ब्रांच का दौरा करेंगे। इस दौरान माल की जानकारी के साथ लॉकर की क्षमता सहित अन्य तथ्यों की जांच पड़ताल की जाएगी। जिससे चोरी हुए माल की एक सपष्ट तस्वीर का आंकलन करवाया जा सके।
आठ महीने पहले हुआ था सिक्योरिटी निरीक्षण
बैंक द्वारा माना गया कि उनके यहां सुरक्षा को लेकर दिसंबर माह में भी निरीक्षण हुआ था। उस समय बैंक को सुरक्षा के लिहाज से बिल्कुल ठीक बताया गया। जबकि इस घटना ने बैंक की सुरक्षा के सभी दावों की पोल खोल कर रख दी है। वहीं बताया जा रहा है कि बैंक प्रबंधक ने आला अधिकारियों को सुरक्षा के बारे में पत्र भी लिखा था।
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