पंजाब एंड सिंध बैंक के कुल 180 लॉकरों में से कुल 6 लॉकरों में चोरी हुई। इनमें से लाखों रुपये का सोना और सोने से बने आभूषणों के साथ नकदी पर भी चोर अपना हाथ साफ कर गए। जैसे ही चोरी की सूचना लोगों को मिली, लॉकर मालिकों के साथ बैंक खाताधारक भी मौके पर पहुंच गए। थोड़ी देर की जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने खुलाया कर दिया कि केवल 6 लॉकरों में चोरी हुई है, जिनमें लॉकर नंबर 6, 7, 21, 22, 37 और 82 शामिल रहे। इनमें से मौके पर पहुंचे चार लॉकर मालिकों ने बताया कि उनका करीब 200 तोले सोने के साथ हजारों रुपये चोरी हुए हैं, जबकि अन्य दो अपने चोरी हुए सामान की पुष्टि ही नहीं कर पाए। वहीं, पुलिस चोरी की वारदात की जांच पड़ताल में जुटी हुई है। बैंक ग्राहकों ने हंगामा किया और लॉकर मालिक बिलख पड़े। किसी के पुश्तैनी आभूषण लॉकर में थे, किसी की शादी का जेवरात थे। मौके पर पहुंचे लॉकर और खाताधारकों ने बैंक के सामने जमकर हंगामा काटा। उन्होंने बैंक अधिकारियों पर सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठाए। इस दौरान जिन लोगों का ज्यादा सोना चोरी हुुुआ, उनकी आंखों में आंसू भी देखने को मिले।
इन लॉकरों से हुई चोरी
1. लॉकर नंबर 6- सेक्टर 11-12 निवासी जोगिंद्र के नाम से इस बैंक में खाता है। इनका हैंडलूम का बिजनेस है। खाताधारक बिजनेसमैन तेजेंद्र की मां का बताया जा रहा है। चोरी की घटना के बाद मौके पर बिजनेस मैन की पत्नि पहुंची, लेकिन उन्होंने चोरी हुए सामान के बारे में कुछ नहीं बताया।
2. लॉकर नंबर 7- सेक्टर 11-12 निवासी जसंवत कौर के नाम से है। ये सेक्टर के ही गुरुद्वारे के बाहर फड़ी लगाने का काम करते हैं। इन्होंने बताया कि इनका करीब 12 तोले सोना लॉकर में था। ये उनका पुश्तैनी सोना था, जो करीब 70-80 साल पुराना था, उनके पूर्वजों की निशानी था।
3. लॉकर नंबर 21- पानीपत गैस एजेंसी के मालिक रमन के नाम से था। इनके 5 परिवारों ने यहां एक ही लॉकर लिया हुआ था। जिनमें दो भाई व तीन बहने बताई जा रही हैं। इन्होंने करीब 30 से 40 तोले सोना चोरी होना बताया। इन्होंने करीब 20 साल से इस बैंक में खाता खुलवाया हुआ था। यहां इनका लॉकर था, जिसमें परिवार के आभूषण रखे थे।
4. लॉकर नंबर 22- प्रशांत छाबड़ा का लॉकर बताया गया, जो मौके पर नहीं आए।
5. लॉकर नंबर 37- वार्ड नंबर 7 निवासी व गुरुद्वारे के पास के ही रहने वाले अजय लखीना का लॉकर है। पेशे से अजय व्यापारी हैं और हैंडलूम संबंधित व्यापार करते हैं। इनका यहां करीब 15 साल से अकाउंट है। इन्होंने अपने लॉकर से 60 से 70 तोले सोना चोरी बताया।
6. लॉकर नंबर 82- यह लॉकर नंबर सेक्टर 25 निवासी पूर्व पार्षद एवं सनौली रोड स्थित देवेद्रा होटल के मालिक तरूण का बताया गया है। उन्होंने बताया कि इनके परिवार के यहां कई लॉकर हैं, इनमें से दो इनके खुद के लॉकर हैं, जिनमें करीब 80 तोले सोना था। उन्हें शक है कि इस टूटे लॉकर से सोना चोरी हुआ है, बाकी तफतीश के बाद बता पाएंगे।
फूट-फूट कर रोने लगे लोग
बैंक चोरी वारदात का पता लगने के बाद जिन लोगों के लॉकरों से लाखों रुपये का सोना चोरी हुआ, उनकी आंखें भर आईं। इनमें महिलाओं के साथ पुरुष भी शामिल थे। उनके गले चींख-चींख कर उनके दर्दे-दास्तां बयां कर रहे थे। चोरी की इस घटना से लोग इतने ज्यादा हताश थे, कि उनके हलक से पानी भी नीचे नहीं उतर रहा था। महिलाओं का तो ओर भी रो-रोकर बुरा हाल हो चुका था।
जीवनभर की कमाई ले उड़े चोर
मौके पर पहुंचे लोगों ने बताया कि जो जमा पूंजी उन्होंने लॉकर में रखी थी, वह उनकी पूरे जीवन की कमाई थी। किसी के पुश्तैनी आभूषण थे, जो उनके पूर्वजों की निशानी थी तो किसी ने अपनी शादी के जेवर रखे हुए थे। कोई अपनों की शादी के लिए आभूषण इकट्ठे किए हुए था, तो किसी ने जरूरत और सुरक्षा के हिसाब से उन्हें लॉकर में रखना उचित समझा। एक ही पल में चोर कई परिवारों के सपनों को मिट्टी में मिला गए।
सबके खाते सालों पुराने
इन चोरी कांड में एक बात सामने जरूर आई, इसमें ज्यादातर लोग करोड़पति थे, जो करीब 15 से 20 साल पुराने खाताधारक और लॉकर लिए हुए थे।