पानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की अदालत ने नशा तस्करी के आरोपी ईदल निवासी समालखा को दोषी करार दिया।
अदालत ने दोषी को सात साल की कैद और 75 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना जमा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतने के आदेश दिए। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि नशा तस्करी का दोषी किसी तरह की नरमी का हकदार नहीं है।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि एनडीपीएस स्टाफ में तैनात एएसआई धर्मवीर ने तीन मई 2019 को थाना चांदनी बाग में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि उनकी टीम सनौली रोड पर बलजीत नगर नाके पर गश्त कर रही थी। उसी समय एक व्यक्ति पैदल-पैदल आता हुआ दिखाई दिया। शक होने पर पुलिस ने दबिश देकर आरोपी ईदल निवासी लोढा बस्ती समालखा को हिरासत में लिया गया। आरोपी के कब्जे से मिले प्लास्टिक के कट्टे से 16.50 किग्रा गांजा बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह हरिद्वार से एक व्यक्ति से गांजा खरीदकर लाया था।