पार्टी के दौरान शराब के नशे में दोस्त के सिर पर गोली मारकर हत्या करने के मामले में कोर्ट ने कांस्टेबल और एक अन्य युवक दोषी करार दिया है। इन्हें उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ ही 20-20 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने इन्हें छह महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। ये फैसला बुधवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सुनाया।
सनौली के झंबा गांव निवासी जय भगवान अपने परिवार समेत करीब 23 सालों से गंगाराम कालोनी में रह रहे हैं। उनका इकलौता 21 वर्षीय बेटा रोहित ईदगाह कालोनी में रोहित कम्युनिकेशन के नाम से मोबाइल की दुकान चलाता था। उसकी ईदगाह कालोनी निवासी दीपक और सिटी थाने के तत्कालीन पुलिस कांस्टेबल सुनील से दोस्ती थी। 13 जनवरी 2016 को तीनों सुनील की बुलेट पर घूम रहे थे। पार्टी में शराब पी और इसी दौरान उनकी कहासुनी हो गई। इतने में दीपक ने रोहित के सिर में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। शव को काबड़ी रोड पर कालू पीर के पास पटककर भाग गए थे। आरोपी कांस्टेबल सुनील धानक सोनीपत के गोहाना के देवपुरी कालोनी का रहने वाला है। हत्या के बाद से दोनों जेल में बंद थे। पिता जय भगवान ने बताया था कि 13 जनवरी 2016 की रात 10:20 बजे ने रोहित ने फोन कर बताया कि उसे करनाल जाना है। रात भर बेटा नहीं आया। मॉडल टाउन थाने में मोबाइल पर शव का फोटो देख पिता ने बेटे को पहचाना था। जब पिता से पुलिस रोहित के दोस्तों का नाम पता पूछ रही थी, तभी उनके जानकार पहुंचे थे। उन्होंने बताया था कि रोहित को सुनील और दीपक के साथ देखा था। जिसके बाद पुलिस ने दोनों पर केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था।