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Panipat News: जमानत का दुरुपयोग करने पर कोर्ट सख्त, चार पर प्राथमिकी के आदेश

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पानीपत। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (जेएमआईसी) की कोर्ट ने चार मामलों में आरोपियों के जमानत का दुरुपयोग करने और कोर्ट में पेश न होने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 269 में प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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इनमें तीन मामले ओम ट्रेडर के हैं। कोर्ट ने थाना शहर प्रभारी को प्राथमिकी दर्ज करने के साथ इसकी जानकारी देने के आदेश दिए हैं। पहले केस में मैसर्स फ्लेनेल वेयरहाउस और ओम ट्रेडर का 2022 से लंबित मामला हैं। इसमें आरोपी जमानत मिलने के बाद 17 फरवरी से कोर्ट में तारीख पर नहीं आ रहा है। कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
राकेश वर्मा और आशीष का 2020 का पुराना मामला हैं। इसमें आरोपी आशीष मार्च माह में पेशी पर नहीं आ रहा है। नीलकंठ डाइंग और मैसर्स ओम ट्रेडर का 2020 का मामला है। इसमें आरोपी जमानत के बाद कोर्ट की कार्रवाई में शामिल नहीं हो रहा है। मैसर्स हरमीत एंटरप्राइजेज और मैसर्स ओम ट्रेडर का 2022 से लंबित केस हैं। इसमें आरोपी मार्च 2026 से फरार है। शिकायतकर्ताओं के वकीलों ने दलील दी कि ये मामले कई साल से लंबित हैं। आरोपियों ने पहले कोर्ट में पेश होकर जमानत ली।
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कोर्ट में ट्रायल शुरू होते ही फरार हो गए। उनकी जमानत रद्द करने और बेल बॉन्ड भी जब्त करने के बाद भी सामने नहीं आ रहे हैं। कोर्ट ने आदेश में कहा कि आरोपियों ने कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन किया है। इनको भगोड़ा घोषित किया जाएं। कोर्ट ने आरोपियों के कोर्ट से जान बूझकर बचने का मामला सामने आने पर धारा 82/83 के तहत भगोड़ा जारी करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि यदि 30 अप्रैल तक आरोपी पेश नहीं होते हैं तो उन्हें आधिकारिक तौर पर भगोड़ा घोषित कर दिया जाएगा। ब्यूरो
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