पानीपत। वार्ड 23 में नगर निगम का 45 लाख का डिस्पोजल ठप हो चुका है। इससे वीवर्स कॉलोनी के सरकारी स्कूल वाली गली में गंदा पानी भर गया है। इससे आदर्श नगर और वीवर्स कॉलोनी के लोगों में रोष है। इसकी कई बार स्थानीय लोग और पार्षद निगम अधिकारियों से शिकायत कर चुुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। मंगलवार को पार्षद अश्वनी धींगड़ा ने मौके का निरीक्षण किया और निगम अधिकारियों को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि ऐसे इंजीनियरों को तो सजा होनी चाहिए। हर काम में घोटाला करते हैं।
इस डिस्पोजल का करीब दो साल पहले शहर के नेताओं ने शिलान्यास कर पत्थर तक लगवाया था। आदर्श नगर और वीवर्स कॉलोनी के बीच गंदे पानी की निकासी की जंग को शांत करने के लिए निगम ने इसका निर्माण कराया था। जो अपनी वैधता भी पूरी नहीं कर पाया।
पार्षद ने बताया कि इस वॉटर डिस्पोजल पर निगम ने एक मोटर लगाई है, जबकि दो मोटर होनी चाहिए। ये मोटर आए दिन खराब हो जाता है। इसका विकल्प नहीं है। अब पिछले एक माह से डिस्पोजल का मोटर बंद है। इससे गंदा पानी नालों से बाहर आकर सड़क पर आकर जमा होने लगा है। जो लोगों के लिए नासूर बन चुका है।
पार्षद अश्वनी धींगड़ा ने बताया कि सरकारी स्कूल के सामने गंदा पानी भरने से रोजाना सैकड़ों बच्चे और लोग गंदे पानी से गुजरते हैं। गंदे पानी से दोनों कॉलोनियों में संक्रमण फैलने का डर बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते निगम अधिकारी इस समस्या का समाधान नहीं करते हैं तो वे दोनों कॉलोनियों के साथ निगम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे।