पानीपत। शहर में कुत्ते पकड़ने और नसबंदी को लेकर पड़ोसी जिले करनाल में काम कर रही एजेंसी ने दिलचस्पी दिखाई है। कंपनी के आगे आने पर निगम अधिकारियों को टेंडर सिरे चढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है। इसी महीने टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो जाती है तो कंपनी जल्द काम शुरू कर देगी। इसके बाद कुत्तों के काटने का खतरा शहरवासियों के ऊपर से उतर जाएगा।
नगर निगम ने गत दिनों शहर में कुत्ते पकड़ने का टेंडर लगाया था। इसमें कुत्तों को एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाने के साथ उनकी नसबंदी की जानी है। यह टेंडर कई बार दोहराया गया है। पिछली बार 21 जनवरी को टेंडर ओपन किया था। इसके बाद फिर से टेंडर को लगाया गया। अब करनाल में कुत्ते पकड़ने का काम कर रही एजेंसी आगे आई है। नगर निगम अधिकारी इसी एजेंसी को टेंडर देने की तैयारी में हैं।
हर रोज 20 से 25 केस
जिला नागरिक अस्पताल में कुत्ता काटने के हर रोज 20 से 25 लोग पहुंच रहे हैं। इनके अलावा प्राइवेट अस्पतालों में भी इतने ही लोग पहुंच रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल के अलावा समालखा और सीएचसी में एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। जबकि पीएचसी में इसकी व्यवस्था नहीं है। पीएचसी के अंतर्गत आने वाले गांवों के लोगों को एंटी रेबिज के इंजेक्शन लगवाने के लिए जिला नागरिक अस्पताल में आना पड़ता है।
निगम खर्च कर चुका है लाखों
नगर निगम करीब ढाई साल पहले कुत्ते पकड़ने का काम एक एजेंसी को दिया था। उस समय आठ हजार कुत्तों की नसबंदी की थी। इस पर करीब 57 लाख रुपये खर्च आया था। इसके बाद नगर निगम कुत्ते पकड़ने का टेंडर सिरे नहीं चढ़ा पाया। शहर में करीब 40 हजार कुत्ते बताए गए हैं।
वर्जन :
करनाल में काम करने वाली एजेंसी ने पानीपत में कुत्ते पकड़ने और नसबंदी का काम करने का टेंडर भरा है। इसको जल्द ही सिरे चढ़ाया जाएगा। इसको लेकर रेट एजेंसी के साथ तय किए जाएंगे।
डॉ. पंकज यादव, आयुक्त, नगर निगम।