पानीपत। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बड़ौली में तनाव मुक्त परीक्षा विषय पर जागरूकता कार्यक्रम किया गया। इस दौरान शिक्षकों और शिक्षकों के बीच परीक्षा की तैयारी पर चर्चा की गई और विद्यार्थियों को तनावमुक्त होकर परीक्षा की तैयारी करने के टिप्स दिए गए। शिक्षकों के अनुसार विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की दोहराई करने, अपनी कमियों का आकलन कर उन्हें दूर करने, समय-सारणी बनाने, संतुलित भोजन करने, योग व मेडिटेशन करने की सलाह दी। अभिभावकों को भी परीक्षाओं के दिनों में अपने बच्चों का अतिरिक्त ध्यान रखना होगा।
शिक्षाविदों के अनुसार परीक्षा से पूर्व सभी विद्यालयों में इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए ताकि विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी को लेकर शिक्षकों से सही मार्गदर्शन मिल सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम से पहले राजकीय स्कूल बड़ौली में आयोजित कार्यक्रम को शिक्षाविदों ने बेहतरीन पहल बताया। तनावमुक्त परीक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों व शिक्षकों ने अपने विचार साझा किए।
परीक्षाओं के लिए अच्छी तैयारी करें छात्र
- परीक्षा के दिनों में छात्र दबाव महसूस करने लगते है जिसका विपरीत प्रभाव उनकी परीक्षा की तैयारी पर पड़ता है। बच्चों को परीक्षा के दिनों में दोहराई करनी चाहिए और कठिन प्रश्नों को अतिरिक्त समय देकर तैयारी करनी चाहिए। विद्यार्थी पूरी तैयारी से अपने पैन, पेंसिल और ज्यामितिक बॉक्स लेकर जाए।
- जसबीर सिंह, अंग्रेजी प्राध्यापक।
आत्मविश्वास से परीक्षा की तैयारी करें छात्र
- पाठ्यक्रम को दोहराते समय उन्हें अपनी कमियां देखकर सही तैयारी करने से अच्छे अंक लिए जा सकते हैं। मेहनती विद्यार्थी उचित समय सारणी का प्रयोग करते हुए पढ़ता है जिससे वो सफल हो जाता है। परीक्षाओं के समय में छात्रों को संतुलित भोजन करने के साथ-साथ योग और मेडिटेशन भी करना चाहिए। इससे उनका पढ़ाई में मन लगेगा और पाठ्यक्रम जल्द याद भी होगा।
- प्रदीप मलिक, ललित कला प्राध्यापक।
परीक्षाओं को बोझ ना समझें छात्र
- छात्रों को परीक्षाओं को कभी बोझ नहीं समझना चाहिए। अपने द्वारा की गई तैयारी और समझ का आकलन परीक्षा के माध्यम से हो सकता है। छात्रों को परीक्षा के समय तनाव मुक्त रहते हुए अपनी मेहनत से कार्य करना चाहिए। पेपर में क्रम अनुसार प्रश्नों को हल करते हुए साफ़ स्पष्ट शब्दों में उत्तर देने से अधिक अंक मिलते हैं।
- रवींद्र सिंह, हिंदी प्राध्यापक।
परीक्षा की पूरी तैयारी
हमेशा परीक्षा के लिए तैयारी कर ली गई है। मुश्किल प्रश्नों की दोहराई करें ताकि परीक्षा में कोई दिक़्क़त ना आए। हमें नक़ल रहित परीक्षा देनी चाहिए जिससे हमें अपनी क्षमता व ज्ञान का सही पता चलता है। छात्रों को चाहिए कि परीक्षाओं के समय में संतुलित भोजन करें। मानसिक दबाव के बिना तैयारी करनी चाहिए। समय पर सोएं और समय पर उठकर परीक्षाओं की तैयारी करें तो परिणाम बेहतर आएगा।
- ख़ुशी मिटान, छात्रा, कक्षा 10वीं।
परीक्षा को जीवन बढ़ोतरी का हिस्सा माने छात्र
परीक्षा को जीवन में बढ़ोतरी का हिस्सा मान कर आगे बढ़ना होगा। जीवन के विभिन्न पड़ाव पर हमें परीक्षा से रूबरू होना पड़ता है। इसलिए छात्रों को अपने आत्मबल से मेहनत करते हुए परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए। वर्तमान समय प्रतियोगिता का युग है। हमें मेहनत ही सफल जीवन की ओर अग्रसर करती है। इसलिए प्रत्येक छात्र को नक़ल से दूर रहते हुए परीक्षा देनी चाहिए।
- नवप्रीत कौर, छात्रा, कक्षा 10वीं।
मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता है- गुंजन
- परीक्षाओं की तैयारी करते समय हमें परीक्षाओं से घबराना नहीं चाहिए। हमें मेहनत करने की आवश्यकता होती है। सफलता स्वयं मिल जाती है। तय समय पर मेहनत करने से सफलता मिल ही जाती है। थोड़े मुश्किल प्रश्नों की दोहराई करते रहना चाहिए ताकि हमें अधिक अंक हासिल हो सके।
- गुंजन, छात्रा, कक्षा 10वीं।